Sim Rule: आज का दौर डिजिटल दौर है अब हर चीज फोन और इंटरेनट के जरिए पूरी आपकी रीच में है. बैंक अकाउंट से लेकर सोशल मीडिया और UPI पेमेंट तक हर चीज मोबाइल नंबर से जुड़ी होती है. लेकिन एक ओर जहां टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी आसान बनाई है वहीं इसका गलत इस्तेमाल भी हो रहा है. अक्सर लोग किसी दूसरे के नाम के दस्तावेज लगाकर, फर्जी आईडी से या किसी को धोखे में रखकर सिम कार्ड निकलवा लेते हैं.
तो कई बार हम भी दोस्ती-यारी में या बिना सोचे-समझे अपने नाम का सिम किसी दूसरे को इस्तेमाल करने के लिए दे देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते रहे हैं तो अब सावधान हो जाइए. भारत सरकार और दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम नियमों को सख्त कर दिया है. सिम कार्ड से जुड़ी एक छोटी सी गलती आपको जेल पहुंचा सकती है. चलिए आपको बताते हैं फर्जी सिम को लेकर नये कानून के बारे में.
3 साल की जेल और 50 लाख का जुर्माना
देश भर में लागू टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के सेक्शन 42(3)(e) के तहत किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल करके सिम कार्ड हासिल करना परेशानी में डाल सकता है. पहले लोग फर्जी आधार कार्ड या किसी अनजान व्यक्ति के डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके आसानी से नया नंबर चालू करवा लेते थे. लेकिन अब ऐसा करने वालों की खैर नहीं है.
कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति गलत पहचान बताकर या फर्जी दस्तावेज देकर सिम कार्ड लेता हुआ पकड़ा जाता है तो उसे 3 साल तक की कड़ी जेल हो सकती है. इतना ही नहीं दोषी पाए जाने पर 50 लाख रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया जा सकता है या फिर कोर्ट जेल और जुर्माना दोनों की सजा एक साथ सुना सकता है. सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है जिससे फर्जी नंबरों के जरिए होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और फिशिंग कॉल जैसे साइबर अपराधों को रोका जा सके.
अपराध में मदद करने या कोशिश करने वाले भी नहीं बचेंगे
अब नए कानून में सिर्फ फर्जी सिम चलाने वाले को ही अपराधी नहीं माना गया है बल्कि इसके अलावा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के सेक्शन 42(6) के तहत फर्जी सिम लेने का प्रयास करना या ऐसे काम में किसी की मदद करना या इसके लिए साजिश रचना भी उतना ही बड़ा दंडनीय अपराध है. इसका मतलब यह है कि अगर कोई दुकानदार या सिम बेचने वाला एजेंट लालच में आकर बिना सही वेरिफिकेशन के फर्जी सिम जारी करता है.
या कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी गलत काम के लिए अपने नाम का सिम दूसरे को देता है तो उन सभी पर यही कानून लागू होगा. यहां तक कि अगर आपने फर्जी तरीके से सिम लेने की सिर्फ कोशिश भी की और पकड़े गए तब भी आपको उतनी ही सजा मिलेगी. इसके साथ ही अगर आपके नाम पर लिए गए सिम से कोई साइबर क्राइम होता है. तो पुलिस सबसे पहले आपके दरवाजे पर ही दस्तक देगी.

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कैसे चेक करें अपने नाम पर चल रहे सिम की डिटेल?
कभी भी किसी अनजान दुकान या बिना लाइसेंस वाले एजेंट से सिम न खरीदें और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशनदेते समय पूरी तरह सतर्क रहें, जिससे कोई धोखे से आपके नाम पर दो सिम न चालू कर ले. इसके अलावा आपको समय-समय पर यह जरूर चेक करना चाहिए कि आपकी आईडी पर इस वक्त कुल कितने सिम कार्ड चल रहे हैं. इसके लिए सरकार ने Sanchar Saathi पोर्टल की सुविधा दी है.
आप इस वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डालें और ओटीपी के जरिए लॉग-इन करें. स्क्रीन पर तुरंत उन सभी नंबरों की लिस्ट आ जाएगी जो आपके आधार कार्ड से लिंक हैं. अगर वहां कोई ऐसा नंबर दिखता है जिसे आप इस्तेमाल नहीं करते तो तुरंत वहीं से Not My Number पर क्लिक करके उसे बंद करने की रिपोर्ट दर्ज कराएं.
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