- जसपुर में मूर्ति लगाने को लेकर विधायक और पूर्व विधायक भिड़े।
- ठाकुर मंदिर के पास रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति पर हुआ विवाद।
- दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज हुई।
- पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला, काम रुकवाया गया।
उत्तराखंड के जनपद ऊधम सिंह नगर की जसपुर विधानसभा में मूर्ति लगाने क़ो लेकर मौजूदा कांग्रेस के विधायक व भाजपा के पूर्व विधायक व उनके समर्थक आमने सामने हों गए. इतना ही नहीं दोनों के ओर से जमकर गाली गलोच ओर धक्का मुक्की भी हो गई. हालांकि सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी कड़ी मशक्क्त के बाद स्थिति क़ो सम्भला ओर दोनों पक्षों क़ो शांत कराया.
मामला जसपुर के ठाकुर मंदिर मे मूर्ति क़ो लेकर बताया जा रहा है. फ़िलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम रखने की अपील की है. इस दौरान काफी देर अफरा-तफरी का माहौल रहा.
क्या है पूरा मामला ?
निर्धारित कार्याक्रम के तहत सुबह 10 बजे जसपुर से कांग्रेस विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ ठाकुर मंदिर के पास पहुंचे. रानी लक्ष्मी बाई की मूर्ति लगवाने के लिए टेल्स हटवाने लगे. इसी बीच स्थानीय दुकानदारों के बताने के बाद भाजपा के पूर्व विधायक शेलेन्द्र मोहन सिंघल भी मौके पर पहुंच गये ओर विरोध किया गया. जिसके बाद जिसके बाद धक्का मुक्की शुरू हो गई और अफरा तफरी मच गई.
दोनों विधायकों व समर्थको के बीच हंगामा काफी देर तक चलता रहा. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए मामला शांत कराया. जिसके बाद फिलहाल इस काम को रुकवा दिया गया है.
दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप
जसपुर विधायक आदेश चौहान का कहना है की जसपुर में महिलाओं की बहुत पहले मांग थी कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति स्थापित हो और ब्राह्मण समाज की भी मांग थी यहां मूर्ति की स्थापना हो. इस जगह पर अतिक्रमण था जिसको नगरपालिका प्रसाशन द्वारा 6 माह पहले हटा दिया था, तथा यहां एक प्रस्ताव रक्खा गया था कि यहां पर वीरांगना की मूर्ति लगनी चाहिए. इस मामले मे जिलाधिकारी को लेटर दिया गया है कि इसकी चिन्हित कराया जाए तथा 1 महीने पहले वो लेटर भी आ गया है.
विधायक आदेश चौहान ने कहा कि कल उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मोदी जी कहकर जाते हैं कि आधी आबादी महिलाओं का सम्मान होना चाहिए और कुछ लोग गाड़ी पार्किंग के लिए जगह हो और वीरांगना की मूर्ति ना लगे इसके लिए विरोध कर रहे हैं. जिस वीरांगना ने हिन्दुओं के लिए लड़ते हुए अपनी जान दे दी आज उसकी मूर्ति नही लगाने दे रहे. उन्होंने पूर्व विधायक पर आरोप भी लगाया कि कोर्ट में एक झूठी रिपोर्ट देकर एक बाजार खाली करा दिया वहां पार्किंग का अड्डा बना दिया. इसी तरह डेरिया में उसकी लेंड यूज़ चेंज कराकर हाईकोर्ट से आदेश करा दिए जबकि सुप्रीम कोर्ट जाकर उनके द्वारा रुकवाया गया उनका ये चाल चरित्र है.
इस वजह से है विवाद
पूर्व विधायक शेलेन्द्र मोहन सिंघल ने कहा ठाकुर मंदिर के सामने मूर्ति लगाने की बात एक दो साल से चल रही है कुछ लोग चाहते है कि वीरांगना लक्ष्मीबाई की मूर्ति लगे और मौके के लोग चाहते हैं कि महाराज अग्रसेन की मूर्ति लगे इसके लिए मोहल्ले वाले लोगों ने जिलाधिकारी के पास आवेदन किया हुआ है, जिसपर अभी तक कोई निर्णय नही हुआ है.
उन्होंने आरोप लगाए है कि आज विधायक जी अपने कुछ लोगों और मजदूरों के साथ आये ओर यंहा खुदाई कर जबरदस्ती प्लेटफॉर्म बनाने का प्रयास कर रहे थे. मोहल्ले वालों ने विरोध किया कि अगर प्रसाशन की कोई इजाजत हो तो दिखाइए. जिस पर उनके द्वारा कहा गया कि मौके का विधायक हूं मैं ही न्यायालय हूं. अगर मेरा किसी ने विरोध किया तो उसे डंडे मारूंगा ओर भगा दूंगा.
इस बात पर बड़ा विरोध हुआ और फिर जनता इकट्ठी हो गई प्रसाशन भी आ गया है और इस पर रोक लग गई है. इस पर प्रसाशन ने निर्णय करना है कि यंहा के जो लोग है उनकी बात भी ध्यान में रखनी है ओर सभी पक्षो से बात करके जैसा भी निर्णय प्रसाशन लेगा उसके हिसाब से कार्यवाही हो जोर जबरदस्ती चल रही है. कभी इनके समर्थक अम्बेडकर जयंती कलंक दिवस करके उसको प्रचारित करते हैं कभी जबरदस्ती समाज को बांटने का प्रयास हो रहा है.
