कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट साइट को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है. चौधरी ने कहा, ‘जंतर मंतर चुना गया तो किस लिए जानते हैं? बीजेपी पार्टी को आंदोलन में मदद करने के लिए. ये भी सुन लो. बीजेपी पार्टी सही सलामत आंदोलन कर सके दिल्ली में, इसलिए कांग्रेस के जमाने में, यूपीए के जमाने में ये जंतर मंतर को आवंटित किया गया.
चौधरी ने आगे कहा कि ताकि उस स्पेस पर जाकर आंदोलन छेड़ो, जो मर्जी करो. आंदोलन करने में दिक्कत नहीं है. इत्तेफाक से यही बीजेपी पार्टी जिनके लिए जंतर-मंतर बनाए गए थे. वो बीजेपी पार्टी आज जंतर-मंतर में आंदोलन न करने का फरमान जारी करती है. बड़ी अजीब बात है.
बता दें, गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट्स से हटा दिया है. उसकी जगह तीन अन्य विकल्प दिए हैं. इसके अलावा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास रामलीला मैदान, राजधानी के बाहरी इलाके बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित सीबीडी मैदान प्रोटेस्ट साइट घोषित किया गया है.
‘प्रदर्शन करना हमारा अधिकार है’
इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना हमारा अधिकार है. यह संविधान कहता है. कुछ कहने की, बोलने की और अपनी राय रखने की आजादी देता है. ये तो संविधान के मुताबिक ही होता है. हमारा देश में संविधान ही सबकुछ है.
‘विरोध करने का नाम जंतर-मंतर होगा तो…’
उन्होंने कहा कि हमारे देश में पार्लियामेंट है, एग्जीक्यूटिव है, जुडिशियल है, लेकिन सभी को, मतलब सभी को हमारे देश की संविधान मानकर के ही चलना पड़ेगा. संविधान में हमारी बात रखने का, मत रखने का अधिकार है. विरोध करने का नाम अगर जंतर-मंतर होगा, तो हर जगह विरोध हो रहे हैं. इसका मतलब हर जगह जंतर-मंतर में तब्दील तो हो ही रहे हैं.
अधीर रंजन ने नेहा बोरा का किया बचाव
इसके अलावा उन्होंने बांग्लादेश पर नेहा बोरा के बयान पर कहा कि AISF की अध्यक्ष ने कहा है कि बांग्लादेश में जो आंदोलन उसकी उन्होंने बधाई दी है. जबकि कहा जा रहा है कि बांग्लादेश का आंदोलन उनकी प्रेरणा है. देखिए बांग्लादेश का आंदोलन अलग था. दूसरे देश हैं, वहां के आंदोलन अलग हैं.
