संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की कई अहम मुलाकातें हो रही हैं. इसी क्रम में एस जयशंकर की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात हुई. बैठक के दौरान भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय मुद्दों पर आपसी तालमेल को मजबूत करने पर चर्चा हुई. बैठक के बाद मार्को रुबियो ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि जयशंकर के साथ मिलकर भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. आने वाले बहुपक्षीय कार्यक्रमों और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को लेकर भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स पर बताया कि उन्होंने Sanctioning Russia and Iran Act (SRIA) को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को अमेरिकी विदेश मंत्री के सामने दोहराया.
Good to meet @SecRubio of the US #UNHighLevelWeek
Reiterated India’s interests and concerns with regard to SRIA. Also discussed the Gulf and Ukraine situations.
🇮🇳 🇺🇸 pic.twitter.com/163YRVlMZG
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 23, 2026
रूस और ईरान से जुड़े मामलों में बातचीत
अमेरिका में प्रस्तावित SRIA के तहत रूस और ईरान से जुड़े मामलों में कड़े आर्थिक कदम उठाने का प्रावधान है. रिपोर्टों के मुताबिक, इस बिल में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है. ऐसे प्रावधानों का असर उन देशों पर पड़ सकता है जो रूस से ऊर्जा या दूसरे सामान का कारोबार करते हैं. भारत लंबे समय से रूस के साथ अपने ऊर्जा और रक्षा संबंधों को लेकर अपने राष्ट्रीय हितों को सामने रखता रहा है. जयशंकर ने इसी संदर्भ में भारत की स्थिति और चिंताओं को रुबियो के सामने रखा.
UN महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचे हैं. वह 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा की सामान्य बहस को संबोधित करेंगे. न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद जयशंकर ने कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की हैं. इन बैठकों में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर बातचीत हो रही है.
भारत-अमेरिका संबंधों पर फोकस
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना दोनों देशों की बातचीत का एक अहम हिस्सा है. हाल की चर्चाओं में क्षेत्रीय परिस्थितियों और आने वाले बहुपक्षीय कार्यक्रमों के लिए आपसी तालमेल पर जोर दिया गया है. जयशंकर की न्यूयॉर्क यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे हैं. भारत की ओर से इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं.
कई देशों के प्रतिनिधियों से जयशंकर की मुलाकात
जयशंकर ने फ्रांस, यूक्रेन, इटली, स्विट्जरलैंड, इक्वाडोर और अन्य देशों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की है. फ्रांस के विदेश मंत्री के साथ बातचीत में यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर भी चर्चा हुई. इटली के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी के साथ बैठक में खाड़ी की स्थिति, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी IMEC और यूक्रेन के मुद्दे पर बातचीत हुई. तजानी ने भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को रक्षा, सुरक्षा, AI, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की बात कही.
ग्लोबल साउथ के सहयोग पर भी जोर
जयशंकर ने न्यूयॉर्क में ग्लोबल साउथ देशों की बैठक में भी हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव, व्यापार में दबाव, सप्लाई चेन की चुनौतियों और जलवायु संकट के बीच विकासशील देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरण से जुड़ा सहयोग बढ़ना जरूरी है. उन्होंने बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया. भारत का कहना है कि वैश्विक फैसलों में विकासशील देशों की भूमिका को और मजबूत किया जाना चाहिए.
