घर में बाल कृष्ण का माखन खाते हुए स्वरूप आनंद, मासूमियत और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. इसे परिवार में खुशहाली और प्रेम की भावना बढ़ाने वाला माना जाता है

बांसुरी भगवान कृष्ण के प्रेम और मधुरता का प्रतीक है. वास्तु की मान्यताओं में बांसुरी वाले कृष्ण का स्वरूप घर में सौहार्द, शांति और सकारात्मक वातावरण के लिए रखा जाता है.

अगर घर में बच्चों और परिवार की खुशहाली के लिए कृष्ण का स्वरूप रखना चाहते हैं तो माखन खाते बाल कृष्ण का चित्र या प्रतिमा रख सकते हैं. वहीं दांपत्य और पारिवारिक सौहार्द के लिए बांसुरी बजाते कृष्ण का स्वरूप शुभ माना जाता है

भगवान कृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर को पूजा स्थल अथवा घर के स्वच्छ और शांत स्थान पर रखें. वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) पूजा के लिए शुभ मानी जाती है.

भगवान के किसी भी स्वरूप की खंडित या टूटी प्रतिमा घर में नहीं रखनी चाहिए. प्रतिमा को साफ रखें और नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक पूजा करें.

घर में भगवान कृष्ण के बहुत अधिक अलग-अलग स्वरूपों की तस्वीरें या प्रतिमाएं लगाने के बजाय अपनी श्रद्धा और पूजा की परंपरा के अनुसार एक प्रमुख स्वरूप रखना बेहतर माना जाता है.
Published at : 02 Sep 2026 05:30 AM (IST)
