भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर राजनीतिक विवाद गरमा गया है. जहां एक तरफ कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर है, वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी की मां सोनी भंडारी ने दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की है.
अंकिता भंडारी की मां ने एक वीडियो जारी कर कहा है, “मैं अपनी समस्त उत्तराखंड की जनता एवं देश की जनता को प्रणाम करती हूं. जैसा कि मेरे भाई-बहनों आप सभी लोगों को पता है कि हमने सरकार को 24 घंटे का टाइम दिया था और वो टाइम 16/10/2026 को समाप्त होने वाला है. हम तथा हमारी जनता चाहती है कि सुरेश राठौर तथा उर्मिला सनावर की सीबीआई जांच एवं नार्को टेस्ट एक हफ्ते के अंदर करवाया जाए.” उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, “मेरी तथा मेरी जनता राष्ट्रपति महोदय से निवेदन है कि सिक्किम के राज्यपाल की नियुक्ति तुरंत रद्द की जाए.”
क्या है पूरा मामला?
उत्तराखंड में ऋषिकेश के वनतारा रिसॉर्ट में 18 सितंबर, 2022 को 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गयी थी. वह वहां ‘रिसेप्शनिस्ट’ के तौर पर काम करती थी. अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बार-बार भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम इस मामले में कथित वीआईपी के तौर पर घसीटा है. साल 2022 में हत्या के चार दिन बाद अंकिता का शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया था. इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई. पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता विनोद आर्य का बेटा है.
इस मामले ने तब राजनीतिक सुर्खियां बटोरीं जब आरोप लगे कि इस अपराध में कोई अज्ञात वीआईपी शामिल था. अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस कथित वीआईपी कोण की जांच की मांग की है . इन आरोपों के सिलसिले में दुष्यंत गौतम का नाम सामने आया है. दुष्यंत गौतम ने इन आरोपों से इनकार किया है और ऐसा आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू की है.
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