पंजाब स्थित खडूरसाहिब लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद अमृतपाल सिंह को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है. हालांकि उसको जेल में ही रहना होगा. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कोर्ट को एक अहम जानकारी दी.
सरकार ने कहा कि अमृतपाल सिंह पर लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है और सरकार अब इसकी अवधि बढ़ाने के पक्ष में नहीं है. पंजाब सरकार ने कहा वो अजनाला केस में अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करना चाहती है लेकिन गिरफ्तारी के बाद उसे डिब्रूगढ़ में ही रखा जाएगा.
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पंजाब सरकार द्वारा पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी किया. सभी मामलों की सुनवाई असम की जेल में ही होगी. वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल के खिलाफ कुल 12 मामले दर्ज किए गए हैं.
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2024 में सांसद बना था अमृतपाल
एनएसए के तहत गिरफ्तारी के बाद से असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद अमृतपाल सिंह ने 2024 में पंजाब की खडूर साहिब सीट से लोकसभा चुनाव जीता था.अमृतपाल सिंह को लोकसभा में शपथ लेने के लिए चार दिनों की संक्षिप्त पैरोल दी गई थी. इस कदम को तब मंजूरी मिली जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई. उनके मामले की तुलना उन अन्य जेल में बंद नेताओं से की जा रही है जिन्हें शपथ लेने की अनुमति दी गई है, जिनमें जम्मू-कश्मीर के इंजीनियर राशिद भी शामिल हैं.
खुद को खालिस्तानी उपदेशक बताने वाले अमृतपाल सिंह ने दावा किया था कि वो मारे गए खालिस्तानी नेता जरनैल सिंह भिंडरांवाले से प्रेरित हैं.उसको 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमले के दो महीने बाद और कई राज्यों में 36 दिनों तक चली लुका-छिपी के बाद हुई थी.
