देहरादून से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद अब बस यात्रियों को न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि किराए में भी उल्लेखनीय कमी की गई है. उत्तराखंड परिवहन निगम ने वाया एक्सप्रेसवे संचालित बसों के किराए में करीब 25 प्रतिशत तक कटौती कर दी है, जिससे यात्रियों का सफर पहले से अधिक किफायती हो गया है.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. इसके बाद इस मार्ग को सार्वजनिक परिवहन के लिए खोल दिया गया. एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही यात्रा का समय काफी घट गया है. जहां पहले देहरादून से दिल्ली पहुंचने में लगभग पांच घंटे लगते थे, वहीं अब यह दूरी करीब तीन घंटे में तय की जा रही है.
बस किराए में कटौती का निर्णय
एक्सप्रेसवे पर संचालन शुरू होने के साथ ही परिवहन निगम ने बस किराए में कटौती का फैसला लिया. नई दरों के अनुसार, वॉल्वो बस का किराया 945 रुपये से घटाकर 709 रुपये कर दिया गया है. इसी तरह एसी बस का किराया 704 रुपये से कम होकर 557 रुपये हो गया है, जबकि साधारण बसों का किराया 420 रुपये से घटाकर 355 रुपये कर दिया गया है. इस कमी से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा.
एक्सप्रेसवे पर 16 बसों का संचालन शुरू
उत्तराखंड परिवहन निगम ने फिलहाल करीब 16 बसों का संचालन एक्सप्रेसवे के जरिए शुरू कर दिया है. इससे पहले ट्रायल के तौर पर कुछ बसों को इस मार्ग से भेजा गया था, जिन्होंने महज तीन घंटे में अपनी यात्रा पूरी की. ट्रायल के सफल रहने के बाद निगम ने इस रूट पर नियमित संचालन शुरू कर दिया.
प्रति फेरा संचालन लागत में कमी
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के कारण न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि प्रति फेरा संचालन लागत में भी कमी आई है. यही कारण है कि निगम ने किराए में कटौती का फैसला लिया, ताकि अधिक से अधिक यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकें.
ग्रामीण डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि एक्सप्रेसवे से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. किराया कम होने के बाद यात्रियों की संख्या में और इजाफा देखने को मिल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांग बढ़ती है तो बसों की संख्या में भी वृद्धि की जाएगी.
कुल मिलाकर, दून–दिल्ली एक्सप्रेसवे ने यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सस्ता सफर उपलब्ध कराया है. यह न केवल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बना रहा है, बल्कि आम लोगों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक भी बना रहा है.
