उत्तर प्रदेश के रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी की 38 बिल्डिंग गिराए जाने का मामला पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है. इसी कड़ी में मंगलवार को रामपुर पहुंचे कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने विश्वविद्यालय परिसर का दौरा किया और छात्रों व प्रबंधन से मुलाकात की. इसके साथ ही उन्होंने आजम खान की पत्नी डॉ तंजीम फातिमा से भी मुलाकात की.
वहीं इस मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-“आज उत्तर प्रदेश के रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के भ्रमण के उपरांत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान जी की धर्मपत्नी एवं पूर्व विधायिका तंजीन फातिमा जी से उनके रामपुर स्थित आवास पर आत्मीय मुलाकात की. इस दौरान डॉ. तंजीन फातिमा जी के स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना.”
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने मीडिया से बातचीत में जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर की जा रही कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर एक महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद और क्रांतिकारी नेता थे. उनके नाम पर बनी यूनिवर्सिटी को निशाना बनाना उचित नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह विश्वविद्यालय किसी अन्य नाम से होता तो क्या उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाता ?
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विद्यार्थियों का होगा नुकसान
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में सभी धर्मों और समुदायों के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं तथा विभिन्न वर्गों के कर्मचारी भी कार्यरत हैं. ऐसे में शिक्षा के इस केंद्र पर कार्रवाई से सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों का होगा. कांग्रेस नेता ने कहा कि फिलहाल न्यायालय से राहत (स्टे) मिली है और मामला न्यायिक प्रक्रिया में विचाराधीन है. उन्होंने सरकार से अपील की कि विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई से बचा जाए और शिक्षा संस्थानों को सुरक्षित रखा जाए.
महंगी शिक्षा पर जताया विरोध
राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश में शिक्षा व्यवस्था लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शिक्षा संस्थानों और छात्रों के हित में आवाज उठाती रहेगी तथा कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी.
न्यायपालिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला विचाराधीन है और कानूनी प्रक्रिया अपना काम करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है और विश्वविद्यालय को बचाने के लिए हर लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रयास करेगी.
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