उत्तर प्रदेश स्थित रामपुर जेल से रिहा होने के बाद समाजवादी पार्टी केआजम खान के खिलाफ ED की कार्रवाई पर, उनके वकील जुबैर खान ने बड़ा दावा किया है. जुबैर ने कहा- हमें नहीं पता-जो लोग आए थे, जो अधिकारी आए थे, उन्होंने हमें अपना कोई पहचान पत्र या ID प्रूफ नहीं दिखाया कि वे कौन हैं. हमें नहीं पता कि वे कौन हैं, कौन उन्हें अपने साथ ले गया, और उन्हें गिरफ्तार करने का आधार क्या है. उन पर क्या आरोप हैं? वे कोई आम इंसान नहीं हैं; वे सांसद और विधायक रह चुके हैं. जब उनके जैसे सम्मानित व्यक्ति को बिना कुछ बताए ले जाया जाता है, तो यह बहुत चिंता और परेशानी की बात है.
बता दें ED ने आजम खान को रामपुर जेल से रिहा होते ही गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 78 वर्षीय आजम खान को जल्द ही धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है. इसके बाद उन्हें गाजियाबाद स्थित विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसी उनकी गिरफ्तार की मांग करेगी.
आजम खान के समर्थन में नारेबाजी करते रहे समर्थक
दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने के मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा पर रोक लगाते हुए दोनों को जमानत दे दी थी. इसके बाद शनिवार को रामपुर जेल से बाहर आते ही ED ने आजम खान को गिरफ्तार किया.
आजम खान को गिरफ्तार में करने के दौरान ED के लखनऊ जोन के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवान मौजूद थे. इस दौरान उनके समर्थक भी मौके पर जुटे रहे और आजम खान के समर्थन में नारेबाजी करते सुनाई दिए.
इससे पहले बुधवार को ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत रामपुर स्थित आजम खान के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारत को कुर्क करने की जानकारी दी थी. जांच एजेंसी ने आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई उनके खिलाफ दर्ज 58 पुलिस प्राथमिकियों के आधार पर की गई है.
