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आज का वृषभ राशिफल 13 अक्टूबर 2026: 6वें चंद्रमा से भावुकता पर रखें नियंत्रण, अटका पैसा होगा वापस, जीवनसाथी के करियर पर बनेगी नई योजना


Vrishabh Rashifal: 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार के दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन, मां चंद्रघंटा पूजा) रात्रि 11:28 तक रहेगी, जिसके उपरांत चतुर्थी तिथि आरंभ होगी. सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार, आज पूरे दिन विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. आज ग्रहों के विशेष गोचर से वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, पारिजात योग और प्रीति योग का विशेष शुभ प्रभाव प्राप्त होगा.

चंद्रमा शाम 07:12 तक तुला राशि में (आपकी राशि से 6वें भाव यानी षष्ठ भाव ऋण मुक्ति, अटका धन, सहकर्मियों का प्रोत्साहन, भावुकता व बौद्धिक प्रतियोगिता स्थान) में संचरण करेंगे और इसके बाद वृश्चिक राशि (7वें भाव) में प्रवेश करेंगे. छठे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से आज अत्यधिक भावुक होने से बचें; छोटी-छोटी बातों को दिल से लगाकर दुःख और संताप जैसे मनोरोग या मानसिक अवसाद का शिकार होने से खुद को बचाना होगा. शुभ कार्यों के लिए आज दोपहर 12:15 से 02:00 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया रहेगा. वहीं दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज उत्तर दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ फलदायी रहेगा.

बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business & Finance)

व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन वृषभ राशि के कारोबारियों के लिए अटका धन वापस मिलने, त्योहारी ग्राहकी में तेजी और क्रोध पर नियंत्रण रखने का रहेगा.

प्रीति योग से वापस मिलेगा अटका धन: प्रीति योग के शुभ संयोग से आज आप बिजनेस में भाग्यशाली साबित होंगे; मार्केट में काफी समय से फंसा या अटका हुआ पुराना पैसा वापस मिल सकता है, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी.

फेस्टिवल सीजन में मान-सम्मान व कारोबार में तेजी: आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजार में बिक्री बेहतर चलेगी और व्यापारिक साख व मान-सम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

क्रोध पर रखें कड़ा नियंत्रण: यदि कोई व्यावसायिक सौदा या कार्य समय पर न बन पाए, तो अधीर होकर गुस्सा करने से बचें; व्यापार में क्रोध करना ग्राहकों व साझेदारों के साथ संबंध बिगाड़ सकता है, जो भविष्य के लिए ठीक नहीं होगा.

करियर और जॉब राशिफल (Career & Job)

नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन कार्यक्षेत्र में प्रेरणास्रोत बनने, स्वयं के निर्णय लेने और दोपहर बाद की भागदौड़ संभालने का रहेगा.

आपकी ऊर्जा से सहकर्मियों का बढ़ेगा आत्मविश्वास: वर्कस्पेस पर आपकी सकारात्मक ऊर्जा और कर्मठता के चलते चारों ओर कार्य सुचारु रूप से पूरे होते दिखेंगे; आपकी कार्यशैली को देखकर अन्य सहकर्मियों का भी आत्मविश्वास जागृत होगा और वे बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे.

स्वयं के स्तर पर लेने होंगे अहम फैसले: एंप्लॉयड पर्सन को वर्कप्लेस पर कुछ जरूरी और तत्कालिक कार्यों के संबंध में दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय खुद के लेवल पर ही ठोस डिसीजन लेने होंगे.

दोपहर बाद बढ़ेगी भागदौड़: नौकरीपेशा लोगों को दोपहर बाद किसी जरूरी आधिकारिक कार्य या फाइल को पूरा करने के लिए काफी भागदौड़ और अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ सकती है.

लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love & Family)

पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के लिहाज से आज का दिन दांपत्य जीवन में रोमांस की ताजगी और पार्टनर के करियर को दिशा देने का रहेगा.

दांपत्य में प्रेम, रोमांस और करियर विमर्श: शादीशुदा लोग अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम, आत्मीयता और रोमांस का भरपूर आनंद लेंगे; साथ ही दोनों मिलकर जीवनसाथी के करियर को आगे बढ़ाने और नई संभावनाओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेंगे.

भावुकता को न बनने दें कमजोरी: घरेलू मामलों में जरूरत से ज्यादा संवेदनशील या भावुक होने से बचें; व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाकर ही घर में शांति बनी रहेगी.

शिक्षा, स्टूडेंट्स और स्वास्थ्य (Education, Students & Health)

विद्यार्थियों के लिए आज का दिन उत्साहवर्धक और भाग्यशाली रहेगा. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और सामान्य विद्यार्थियों (Competitive & General Students) दोनों के लिए दिन पूरी तरह पक्ष में रहेगा; उन्हें अपनी पढ़ाई, परिणाम या आगामी अवसरों से जुड़ी कोई बहुत अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है. स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, 6th हाउस के चंद्रमा के प्रभाव से मानसिक संताप, अत्यधिक सोचने की आदत या उदासी परेशान कर सकती है; इसलिए मन को रिलैक्स रखें और डिप्रेशन जैसी स्थिति से बचें. दोपहर बाद की भागदौड़ से शारीरिक थकान हो सकती है. संतुलित आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं और दिनचर्या में थोड़ा समय मां चंद्रघंटा के ध्यान (Meditation) को दें.

शुभ रंग: ऑरेंज (नारंगी)

शुभ अंक: 1

अशुभ अंक: 4

आज का उपाय: मंगलवार और शारदीय नवरात्र के तृतीय दिन मां चंद्रघंटा की विधिवत पूजा-अर्चना करें. घट के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित कर माता रानी को लाल/नारंगी पुष्प और दूध से बनी मिठाई अथवा मखाने की खीर का भोग लगाएं तथा ‘ॐ ऐं श्रीं शक्तयै नमः’ अथवा ‘पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता. प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥’ मंत्र का 108 बार जप करें. इसके साथ ही मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और सुंदरकांड की चौपाइयों का स्मरण करें. किसी छोटी कन्या को फल या मिश्री भेंट करें; इससे 6वें भाव के चंद्रमा का मानसिक संताप दूर होगा, प्रीति योग से अटका धन प्राप्त होगा, क्रोध शांत रहेगा और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता मिलेगी.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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