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ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, फिर भी होर्मुज से सुरक्षित निकला ‘देश गरिमा’, खाड़ी में कितने और शिप फंसे?


ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से बंद किए जाने के बीच भारतीय झंडे वाला एक तेल टैंकर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सफलतापूर्वक पार कर गया, जबकि कम से कम चार जहाज वापस लौट गए. जहाजों के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, ‘देश गरिमा’ नाम के तेल टैंकर ने शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को होर्मुज पार किया. 

भारतीय नौवाहन निगम लिमिटेड (SCI) का यह टैंकर मार्च की शुरुआत से इस मार्ग को पार करने वाला भारतीय ध्वज वाला 10वां जहाज है. ‘मरीनट्रैफिक’ के अनुसार, शनिवार शाम तक यह टैंकर ओमान की खाड़ी में आगे बढ़ रहा था. आंकड़ों से यह भी पता चला कि तेल टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’, ‘देश वैभव’ और ‘देश विभोर’ के साथ-साथ मालवाहक पोत ‘जग अर्नव’ ने ईरान की ओर से फायरिंग के बाद अपना रास्ता बदल लिया.

फारस की खाड़ी में फंसे 14 भारतीय जहाज

इसके साथ ही फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 14 हो गई है. सरकारी स्वामित्व वाली SCI ‘देश वैभव’ और ‘देश विभोर’ को संभालती है, जबकि ‘सनमार हेराल्ड’ का संचालन सनमार शिपिंग और ‘जग अर्नव’ का संचालन ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी करती है. 

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‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ के अनुसार, एक टैंकर ने सूचना दी कि ओमान के उत्तर-पूर्व में करीब 20 समुद्री मील दूर ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ की दो नौकाओं से गोलीबारी की गई. माना जा रहा है कि इसी कारण भारतीय जहाजों ने रास्ता बदल लिया. ‘टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम’ के अनुसार, इराकी कच्चे तेल से लदे एक सुपरटैंकर सहित भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों को गोलीबारी के बाद वापस लौटना पड़ा.

भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब

होर्मुज में भारतीय जहाजों पर फायरिंग को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारत में ईरानी राजदूत को तलब किया. इस दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दो भारतीय जहाजों पर ईरान के IRGC की गनबोटों द्वारा की गई गोलीबारी पर गहरी चिंता जताई. हालांकि टैंकर और चालक दल सुरक्षित बताए जा रहे हैं. 

विदेश मंत्रालय ने इस मामले में और क्या बताया?

MEA ने बयान में कहा कि उन्होंने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित किया और याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया था. व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे ईरान के अधिकारियों को भारत का नजरिया बताएं और होर्मुज से भारत आने वाले जहाजों को सुगम बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें. विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी राजदूत ने इन विचारों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का वचन दिया है.  

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