अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर जल्द किसी बड़े फैसले का संकेत दिया है. शनिवार को व्हाइट हाउस से ओहायो रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान को लेकर वह अपने अगले कदम पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के सामने अब ‘आसान रास्ता या मुश्किल रास्ता’ में से किसी एक को चुनने की स्थिति होगी.
ट्रंप ने कहा, ईरान को लेकर मुझे एक फैसला करना है. इसके बाद उन्होंने कहा कि ईरान को भारी नुकसान पहुंच चुका है और अब सवाल यह है कि आगे का रास्ता आसान होगा या मुश्किल. हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि वह किस फैसले पर विचार कर रहे हैं.
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति में अमेरिका के संभावित सैन्य और कूटनीतिक विकल्पों को लेकर चर्चा तेज है.
#WATCH | US President Donald Trump says, “We have a decision that I’ll make about Iran. Iran’s been decimated. So the only question is, it’ll either be the easy way or the hard way. We’ll have it the easy way or the hard way.”
(Source: US Network Pool Via Reuters) pic.twitter.com/qAHnM5XjHW
— ANI (@ANI) October 3, 2026
ट्रंप का दावा- ईरान परमाणु हथियार की योजना से पीछे हट रहा
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान लगभग परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी योजनाओं से पीछे हट रहा है. हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. ट्रंप ने कहा, ईरान लगभग परमाणु हथियार रखने की सभी योजनाओं को छोड़ रहा है.
कैंप डेविड में हुई बैठक से बढ़ी अटकलें
ट्रंप का यह बयान उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आया है जिसमें Axios ने बताया था कि उनके शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने कैंप डेविड में बैठक की. इस बैठक में ईरान को लेकर अमेरिकी नीति के विकल्पों के साथ-साथ यमन में सऊदी अरब और हूती संघर्ष को लेकर भी चर्चा हुई.
इस बैठक के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि अगर तेहरान के साथ कूटनीतिक प्रयास गतिरोध खत्म करने में सफल नहीं होते हैं तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है. हालांकि, ट्रंप ने शनिवार को यह नहीं बताया कि उनकी सरकार किस विकल्प को प्राथमिकता दे रही है.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए मध्यस्थता के प्रयास भी जारी हैं. क्षेत्र में कई महीनों से जारी संघर्ष और अस्थिरता के बीच इन प्रयासों का मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना है.
ईरान ने भी संभावित नए संघर्ष की तैयारी शुरू की
दूसरी ओर, रॉयटर्स से बातचीत में ईरानी अधिकारियों और आंतरिक विचार-विमर्श की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि ईरान अमेरिका की ओर से बड़े पैमाने पर दोबारा सैन्य अभियान शुरू किए जाने की स्थिति के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार कर रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, ईरान के नेतृत्व में यह धारणा मजबूत हुई है कि अगर भविष्य में अमेरिका फिर सैन्य अभियान शुरू करता है तो इस बार उसका जवाब पहले के मुकाबले ज्यादा व्यापक और मजबूत होना चाहिए.
वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों ने ऐसे विकल्पों पर भी चर्चा की है जिनके तहत संभावित लक्ष्यों का दायरा अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों से आगे बढ़ाया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, इनमें उन देशों को भी निशाना बनाए जाने की संभावना पर विचार किया गया है जो अमेरिकी सैन्य अभियानों का समर्थन कर सकते हैं.
हालांकि, ईरानी अधिकारी नए टकराव को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, ईरान में कुछ अधिकारी निजी तौर पर यह मानते हैं कि बातचीत के जरिए किसी ठोस समाधान तक पहुंचने की संभावना फिलहाल कम है.
28 फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष
मौजूदा तनाव की जड़ 28 फरवरी से शुरू हुए उस संघर्ष में है, जब अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ था. यह संघर्ष 40 दिनों तक चला और 8 अप्रैल को युद्धविराम लागू होने के बाद बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई रुकी थी.
युद्धविराम के बाद बड़े स्तर की लड़ाई भले ही थम गई, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में समय-समय पर झड़पें और तनाव जारी रहे हैं.
ट्रंप के ताजा बयान के बाद अब वाशिंगटन के अगले कदम पर नजर और बढ़ गई है. अमेरिका ईरान को लेकर सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक विकल्पों पर विचार कर रहा है या नहीं, इसे लेकर फिलहाल ट्रंप ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है. हालांकि, उनके ‘आसान या मुश्किल रास्ते’ वाले बयान ने क्षेत्र में अमेरिका की अगली रणनीति को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं.
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