समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की पीडीए रथयात्रा रायबरेली पहुंची. अखिलेश यादव के रायबरेली पहुंचने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार और अनोखे अंदाज में स्वागत किया. बुलडोजर पर लगभग दो छोर से 20 फीट लंबा माला उन्हें पहनाया गया.
बताया गया है कि बुलडोजर के पहले छोर पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगी थी. जबकि दूसरी तरफ सपा संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह की तस्वीर लगी थी. अनोखी अंदाज में स्वागत करने वाले कार्यकर्ताओं को सपा अध्यक्ष ने अपने बस पर बुलाकर अभिवादन स्वीकार किया.
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विवाद के बाद अखिलेश ने किया था विधायक के घर जाने के ऐलान
दरअसल, यह पूरा विवाद बीते 17 सितंबर का रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच सदस्यता अभियान से जुड़ा है. इसी दौरान हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप लगाया गया. इसी विवाद के बाद अखिलेश यादव ने सपा विधायक राहुल लोधी के घर जाने के ऐलान किया था.
लोधी वोटबैंक पर अखिलेश यादव की नजर!
बहरहाल, रणनीतिकार अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे और विधायक राहुल लोधी के घर जाकर चाय पीने को लोधी समाज को साधने के नजरिए से भी देख रहे हैं. उत्तर प्रदेश में लोधी समाज का वोट बैंक एक करोड़ से ज्यादा है. ऐसे में अखिलेश यादव का राहुल लोधी के घर जाना सपा की ओर से इस मामले को लेकर राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का रायबरेली दौरे के दौरान बुलडोजर से हुए स्वागत ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. बतातें चलें कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुलडोजर एक बार फिर से चर्चाओं में आ गया है. हालांकि, अखिलेश यादव के बुलडोजर से स्वागत पर सत्ता पक्ष के तरफ के किसी भी नेता का रिएक्शन सामने नहीं आया है.
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