मध्य प्रदेश में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस 28 सितंबर को भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी. इसके अगले दिन 29 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा.
पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि राहुल गांधी पिछले करीब दो वर्षों से मतदाता अधिकार, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और वोट चोरी के आरोपों को लेकर सवाल उठा रहे हैं. अब कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को लेकर मध्य प्रदेश में आंदोलन करेगी.
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SIR के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल
पटवारी ने मध्य प्रदेश में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठाए. निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक SIR से पहले प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार143 मतदाता थे.
ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 रह गई थी. दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता दर्ज किए गए. इस दौरान कुल 34 लाख 25 हजार 78 नाम हटाए गए. आयोग के मुताबिक नाम हटाने के कारणों में अनुपस्थित होना, मृत्यु, स्थानांतरण और डुप्लीकेट प्रविष्टियां शामिल थीं.
कांग्रेस का सवाल है कि ड्राफ्ट और अंतिम सूची के बीच हुए बदलावों का विधानसभा और बूथवार पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए. पार्टी यह भी जानना चाहती है कि कितने नाम किस आधार पर हटाए गए और कितने नाम दोबारा जोड़े गए.
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर भी सवाल
जीतू पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में 2023 में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग की स्वतंत्रता को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए.
कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है. पार्टी का कहना है कि अगर जांच में आपराधिक कृत्य सामने आते हैं तो FIR दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
कांग्रेस ने आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग भी रखी है. पटवारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता जरूरी है.
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस आने वाले दिनों में गांव और बूथ स्तर पर मतदाता सूची की स्थिति की जानकारी लेगी. पार्टी का अभियान मतदाता सूची में नाम, उसके विलोपन के कारण और नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा.
28 सितंबर को भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग का घेराव और 29 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ कांग्रेस ने इस मुद्दे को प्रदेश में आंदोलन का रूप देने का ऐलान किया है.
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