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कर्नाटक में 198 मुस्लिम वोटर्स का नाम हटाने की साजिश का आरोप, BJP नेता पर FIR दर्ज


कर्नाटक में SIR को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में Form-7 के जरिए वोटरों के नाम हटाने की कोशिश के आरोप लगे हैं. इन मामलों में बेलगावी, मैसूरु और बीदर समेत कई जगहों पर FIR दर्ज की गई हैं. पुलिस अब शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. बेलगावी में बीजेपी नेता रवि बी. पाटिल और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि SIR के दौरान Form-7 के जरिए 198 मुस्लिम वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की गई.

पुलिस के मुताबिक, यह मामला बेलगावी मार्केट पुलिस स्टेशन में 30 सितंबर को दर्ज हुआ. शिकायतकर्ता मीरासब सनादी बेलगावी नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 में बीजेपी के बूथ लेवल एजेंट हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 22 सितंबर को BLO की मदद के दौरान रवि पाटिल, शंकर बीरप्पा नाइक और प्रशांत दीपक मुंडिनमनी समेत कुछ लोग वहां पहुंचे. आरोप है कि इन लोगों ने मुस्लिम वोटरों को निशाना बनाते हुए Form-7 आवेदन जमा करने की कोशिश की.

बीदर में 3,244 वोटरों का मामला

बीदर जिले के भालकी में भी Form-7 से जुड़ी शिकायत सामने आई है. 40 वर्षीय कारोबारी और वोटर मोहम्मद अतीक अहमद ने शिकायत में आरोप लगाया कि SIR के दौरान उन्हें और 3,244 अन्य वोटरों को गलत तरीके से दूसरी जगह रहने वाला या अनुपस्थित बताया गया. इस शिकायत के बाद 1 अक्टूबर को 32 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है. मामले में कथित तौर पर वोटरों के नाम हटाने के लिए Form-7 का इस्तेमाल किए जाने की जांच की जा रही है.

मैसूरु में परिवार के नाम हटाने का आरोप

मैसूरु में सामाजिक कार्यकर्ता सैयद हसरत उल्ला ने शिकायत दर्ज कराई. उनका आरोप है कि उनके, उनके परिवार के सदस्यों और मुस्लिम समुदाय के कुछ अन्य लोगों के नाम हटाने के लिए Form-7 आवेदन जमा किए गए. शिकायत में कहा गया कि इन आवेदनों में यह बताया गया था कि संबंधित लोग अपने पते पर नहीं रह रहे हैं, जबकि शिकायतकर्ता के मुताबिक वे कई वर्षों से वहीं रह रहे हैं. इस मामले में नरसिम्हाराजा पुलिस स्टेशन में हरीश कुमार सी, राघवेंद्र एम और बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े अनिल थॉमस समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.

बल्लारी में 7,561 Form-7 का आरोप

बल्लारी में भी Form-7 के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की शिकायत सामने आई है. वार्ड नंबर 23 के कांग्रेस बूथ लेवल एजेंट गौतम एस की शिकायत पर 1 अक्टूबर को ब्रूसपेट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई. शिकायत में बीजेपी बूथ लेवल एजेंट और बल्लारी सिटी कॉर्पोरेशन के पार्षद श्रीनिवास मोटकर समेत कुछ अधिकारियों और अन्य लोगों पर आरोप लगाया गया है. शिकायत के मुताबिक, SIR के दौरान वोटरों के नाम हटाने के लिए 7,561 Form-7 आवेदन जमा किए गए. इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है.

दक्षिण कन्नड़ में भी सामने आया मामला

दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्थंगडी विधानसभा क्षेत्र से भी Form-7 को लेकर शिकायत सामने आई है. कांग्रेस नेता रक्षित शिवराम ने दावा किया कि 16 पोलिंग स्टेशनों पर वोटरों के नाम हटाने के लिए 279 Form-7 आवेदन जमा किए गए. उनके अनुसार, उजिरे इलाके में 82 आवेदन मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने से जुड़े थे. हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस मामले में अभी FIR दर्ज नहीं हुई थी. इसलिए इन आरोपों को फिलहाल शिकायत और दावा ही माना जा रहा है.

तनवीर सैत ने भी लगाया आरोप

कांग्रेस विधायक तनवीर सैत ने भी आरोप लगाया है कि उनके नरसिम्हाराजा विधानसभा क्षेत्र में करीब 10,000 मुस्लिम और दलित वोटरों के नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में Form-7 आवेदन जमा किए गए. 

Form-7 क्या होता है. 

Form-7 का इस्तेमाल मौजूदा वोटर लिस्ट में किसी नाम को जोड़ने या किसी नाम को हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है. इसका इस्तेमाल किसी ऐसे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए किया जा सकता है जिसकी मृत्यु हो चुकी हो, जो दूसरी जगह चला गया हो या जिसका नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज हो. कर्नाटक में विवाद इस बात को लेकर है कि क्या इस फॉर्म का इस्तेमाल गलत जानकारी देकर बड़ी संख्या में योग्य वोटरों के नाम हटाने के लिए किया गया. चुनाव आयोग ने भी ऐसी शिकायतों के बाद संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.



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