नोटिफिकेशन में सेमेस्टर परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए संशोधित नियमों की डिटेल दी गई है. वहीं संशोधित नियमों के तहत छात्र हर सेमेस्टर में हर एक पेपर के लिए अटेंडेंस के आधार पर पांच अंक प्राप्त कर सकते हैं. यूनिवर्सिटी की आंतरिक मूल्यांकन के अंकों और ग्रेड प्वाइंट की गणना के तरीके में भी बदलाव किया गया है.

यूनिवर्सिटी के अनुसार हर एक छात्र सेमेस्टर में हर पेपर में उपस्थिति के लिए पांच अंक पा सकता है. वहीं यूनिवर्सिटी ने परीक्षा संबंधी परिवर्तनों के तहत आंतरिक मूल्यांकन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है. इसके अलावा ग्रेड प्वाइंट की गणना के लिए उपयोग की जाने वाली कैलकुलेशन के तरीके में भी बदलाव किया गया है.

नए नियमों के अनुसार अब छात्रों को उनकी अटेंडेंस के आधार पर अधिकतम पांच अंक दिए जाएंगे. यूनिवर्सिटी के इस फैसले का उद्देश्य छात्रों को रेगुलर स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करना है. यूनिवर्सिटी ने छात्रों से यह भी कहा है कि वह यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर अपने प्रोग्राम की सूचना देख लें.

संशोधित नियमों के तहत छात्र कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित होने के आधार पर अधिकतम पांच अंक मिलेंगे. इसमें 90% से ज्यादा उपस्थिति होने पर पांच अंक मिलेंगे, वहीं 80 से 89 प्रतिशत उपस्थिति वालों को 4 अंक, 75 से 79% उपस्थित वालों को 3 अंक, 60 से 74% उपस्थित वालों को दो अंक और 60 से कम उपस्थिति वालों को कोई अंक नहीं दिया जाएगा.

वहीं इस मूल्यांकन प्रणाली के तहत 90 या उससे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को हायर ग्रेड अंक दिए जाते हैं, जबकि 30 से कम प्राप्त करने वाले छात्रों को फेल की कैटेगरी में रखा जाता है. इसके अलावा 80 से 89 वालों को उत्कृष्टता की कैटेगरी में रखा जाता है. जिसके बाद अब उपस्थिति के कारण एक्सट्रा नंबर मिलना पढ़ाई में ही नहीं बल्कि छात्रों के सेमेस्टर रिजल्ट के लिए भी जरूरी होगा.

वहीं यूनिवर्सिटी ने उपस्थिति के अलावा इंटरनल असेसमेंट और ग्रेड पॉइंट में भी बदलाव किया है. इसमें नॉर्मल 75 अंकों वाले थ्योरी पेपर में 50 अंक सेमेस्टर के अंत में होने वाली परीक्षा के लिए निर्धारित होंगे. वहीं बाकी बचे 25 अंकों में 20 अंक इंटरनल असेसमेंट और 5 अंक उपस्थिति के आधार पर मिलेंगे. हालांकि अलग अलग प्रोग्राम में अंकों का बंटवारा अलग तरह से हो सकता है.
Published at : 15 Oct 2026 10:19 AM (IST)
