गर्मी की छुट्टियों में लंबी दूरी की यात्रा पर निकलते वक्त अक्सर लोग अपनी कार की छत पर एक्सट्रा सामान बांध लेते हैं, ताकि गाड़ी के अंदर ज्यादा जगह बच सके. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि छत पर सामान लादने से गाड़ी का माइलेज यानी फ्यूल एफिशिएंसी पर सीधा और कई बार बड़ा असर पड़ता है. दरअसल, जैसे ही गाड़ी की छत पर कोई बॉक्स या सामान बांधा जाता है, गाड़ी की एरोडायनामिक शेप यानी हवा को चीरकर आगे बढ़ने की उसकी बनावट बिगड़ जाती है. इससे गाड़ी को हवा के दबाव के खिलाफ ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और इंजन को ज्यादा ईंधन खर्च करना पड़ता है. आइए जानते हैं कि छत पर सामान बांधने से माइलेज पर कितना असर पड़ता है और इसका हिसाब कैसे समझा जाए.
कितना घट सकता है माइलेज?
अमेरिका के ऊर्जा विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर गाड़ी की छत पर एक बड़ा और चौड़ा कार्गो बॉक्स रखा जाए, तो शहर में चलने पर माइलेज करीब 2 से 8 फीसदी तक घट सकता है. वहीं हाईवे पर यह गिरावट 6 से 17 फीसदी तक और 105 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे जैसी तेज रफ्तार पर तो यह गिरावट 10 से 25 फीसदी तक पहुंच सकती है. यानी जितनी तेज रफ्तार से गाड़ी चलेगी, माइलेज उतना ही ज्यादा घटेगा, क्योंकि तेज रफ्तार पर हवा का दबाव कहीं ज्यादा बढ़ जाता है.
छत के मुकाबले पीछे सामान रखना बेहतर क्यों?
दिलचस्प बात यह है कि अगर सामान गाड़ी की छत के बजाय पीछे हिच कैरियर या ट्रे पर बांधा जाए, तो माइलेज पर असर बहुत कम पड़ता है. रिसर्च के मुताबिक, पीछे सामान रखने से शहर में माइलेज सिर्फ 1 से 2 फीसदी और हाईवे पर 1 से 5 फीसदी ही घटता है. इसकी वजह यह है कि गाड़ी के पीछे का हिस्सा वैसे भी हवा के सीधे दबाव में कम आता है, जबकि छत पर रखा सामान सीधे हवा के रास्ते में आ जाता है और ज्यादा रुकावट पैदा करता है.
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वजन का भी पड़ता है असर
सिर्फ हवा का दबाव ही नहीं, बल्कि सामान का वजन भी माइलेज घटाने में भूमिका निभाता है. आमतौर पर माना जाता है कि गाड़ी में हर अतिरिक्त 45 किलोग्राम वजन बढ़ने पर माइलेज करीब 1 फीसदी तक कम हो सकता है. यानी अगर छत पर भारी सामान बांधा गया हो, तो सिर्फ हवा के दबाव से ही नहीं, बल्कि ज्यादा वजन की वजह से भी इंजन पर दबाव बढ़ जाता है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है. यही वजह है कि जानकार हमेशा सलाह देते हैं कि जरूरत खत्म होते ही रूफ बॉक्स या कैरियर को गाड़ी से उतार देना चाहिए, ताकि रोजमर्रा की ड्राइविंग में माइलेज पर बेवजह असर न पड़े.
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