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कौन हैं ईशा सिंह जो पिता की तरह बनी IPS? अब दिल्ली पुलिस में मिली बड़ी जिम्मेदारी


लेकिन ईशा सिंह की पहचान सिर्फ उनकी पुलिसिंग को लेकर नहीं है. आईपीएस बनने से पहले उन्होंने कानून की पढ़ाई की और अदालत में वकालत भी की. वहीं उनके परिवार का पुलिस सेवा से पुराना संबंध रहा है, उनके पिता और दादा दोनों भी आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं.

ईशा सिंह के पिता योगेश प्रताप सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. वह सीबीआई में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में उनकी सख्त भूमिका और बाद में नौकरी छोड़ने के फैसले का ईशा सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा.

ईशा सिंह के पिता योगेश प्रताप सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. वह सीबीआई में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में उनकी सख्त भूमिका और बाद में नौकरी छोड़ने के फैसले का ईशा सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा.

ईशा ने अपनी सफलता की कहानी में बताया कि जब उनके पिता ने 2004 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दिया, तब वह बहुत छोटी थी. पिता के संघर्ष को करीब से देखने के बाद उन्होंने तय किया कि वह खुद पुलिस सेवा में जाकर व्यवस्था के अंदर काम करेगी. ईशा के दादा आरबी सिंह भी आईपीएस अधिकारी रहे, इस तरह वह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी की आईपीएस अधिकारी बनी.

ईशा ने अपनी सफलता की कहानी में बताया कि जब उनके पिता ने 2004 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दिया, तब वह बहुत छोटी थी. पिता के संघर्ष को करीब से देखने के बाद उन्होंने तय किया कि वह खुद पुलिस सेवा में जाकर व्यवस्था के अंदर काम करेगी. ईशा के दादा आरबी सिंह भी आईपीएस अधिकारी रहे, इस तरह वह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी की आईपीएस अधिकारी बनी.

आईपीएस बनने से पहले ईशा ने नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु से कानून की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने मुंबई हाई कोर्ट से वकालत की. दौरान उन्होंने आम लोगों से जुड़े कई मामलों पर काम किया. वकालत करते हुए उन्हें लगा कि कानून के जरिए लोगों की मदद करने के साथ-साथ प्रशासन का हिस्सा बनकर भी बड़े स्तर पर बदलाव किया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की, तैयारी के साथ वह अदालत में प्रैक्टिस भी करती रही.

आईपीएस बनने से पहले ईशा ने नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु से कानून की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने मुंबई हाई कोर्ट से वकालत की. दौरान उन्होंने आम लोगों से जुड़े कई मामलों पर काम किया. वकालत करते हुए उन्हें लगा कि कानून के जरिए लोगों की मदद करने के साथ-साथ प्रशासन का हिस्सा बनकर भी बड़े स्तर पर बदलाव किया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की, तैयारी के साथ वह अदालत में प्रैक्टिस भी करती रही.

ईशा की मां आभा सिंह भी केंद्रीय सेवा में रह चुकी है. बाद में उन्होंने वकालत को अपना पेशा बनाया और सामाजिक मामलों से जुड़े कई केस लड़े. ईशा ने अपनी मां को भी अपनी प्रेरणा में शामिल किया. परिवार से मिले इस माहौल ने ईशा को कानून और प्रशासन दोनों क्षेत्रों को करीब से समझने का मौका दिया और आखिरकार उन्होंने यूपीएससी का रास्ता चुना.

ईशा की मां आभा सिंह भी केंद्रीय सेवा में रह चुकी है. बाद में उन्होंने वकालत को अपना पेशा बनाया और सामाजिक मामलों से जुड़े कई केस लड़े. ईशा ने अपनी मां को भी अपनी प्रेरणा में शामिल किया. परिवार से मिले इस माहौल ने ईशा को कानून और प्रशासन दोनों क्षेत्रों को करीब से समझने का मौका दिया और आखिरकार उन्होंने यूपीएससी का रास्ता चुना.

ईशा सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में सफलता हासिल की और ऑल इंडिया 191वीं रैंक प्राप्त की. इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ और उन्हें एजीएमयूटी कैडर मिला. तैयारी के दौरान उनके पिता ने भी उनका साथ दिया. ईशा के अनुसार वह पुराने प्रश्न पत्रों से तैयारी करती थी और उनके पिता पढ़ाई के दौरान उनका हौसला बढ़ाते थे.

ईशा सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में सफलता हासिल की और ऑल इंडिया 191वीं रैंक प्राप्त की. इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ और उन्हें एजीएमयूटी कैडर मिला. तैयारी के दौरान उनके पिता ने भी उनका साथ दिया. ईशा के अनुसार वह पुराने प्रश्न पत्रों से तैयारी करती थी और उनके पिता पढ़ाई के दौरान उनका हौसला बढ़ाते थे.

ईशा सिंह दिसंबर 2025 में पुडुचेरी में एक्टर विजय की रैली के दौरान सुर्खियों में आई थी. रैली में भीड़ को संभालते हुए उनकी टीवीके नेता से बहस हो गई थी. ईशा ने भीड़ प्रबंधन को लेकर उन्हें सख्त अंदाज में जवाब दिया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद लोगों ने उन्हें लेडी सिंघम कहना शुरू कर दिया.

ईशा सिंह दिसंबर 2025 में पुडुचेरी में एक्टर विजय की रैली के दौरान सुर्खियों में आई थी. रैली में भीड़ को संभालते हुए उनकी टीवीके नेता से बहस हो गई थी. ईशा ने भीड़ प्रबंधन को लेकर उन्हें सख्त अंदाज में जवाब दिया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद लोगों ने उन्हें लेडी सिंघम कहना शुरू कर दिया.

वहीं अब जनवरी 2026 में दिल्ली में तैनाती मिलने के बाद ईशा सिंह दिल्ली पुलिस में डीसीपी वेलफेयर की भूमिका निभा रही है. अब लीगल सेल का अतिरिक्त प्रभार मिलने से उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है.

वहीं अब जनवरी 2026 में दिल्ली में तैनाती मिलने के बाद ईशा सिंह दिल्ली पुलिस में डीसीपी वेलफेयर की भूमिका निभा रही है. अब लीगल सेल का अतिरिक्त प्रभार मिलने से उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है.

Published at : 11 Sep 2026 10:13 AM (IST)

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