बिहार की आठ एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज की जीत हुई है. इस सीट से डॉ. राहुल राज ने जेडीयू के आनंद पुष्कर को हराया है. उन्हें कुल 4,965 मत मिले. उनके प्रतिद्वंदी आनंद पुष्कर को 3,150 मत मिले.
निर्धारित कोटा प्राप्त करने के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा डॉ. राहुल राज को आधिकारिक रूप से विजयी घोषित कर दिया गया. इस परिणाम के सामने आने के बाद उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है. अब चर्चा शुरू हो गई है कि कौन हैं राहुल राज जिन्होंने निर्दलीय लड़कर इस सीट पर जीत का परचम लहराया है?
पहली बार लड़े एमएलसी का चुनाव
राहुल राज पीएचडी होल्डर हैं. राजपूत जाति से आते हैं. उनके पिता का नाम विपिन सिंह है. वे रिविलगंज प्रखंड के मुकरेड़ा के रहने वाले हैं. शिक्षाविद् हैं. अपना कॉलेज-स्कूल चलता है. कई अन्य कारोबार हैं. सबसे बड़ी बात है कि पहली बार वे एमएलसी के चुनाव में उतरे और उन्हें जीत मिली. वर्तमान में वह प्रखंड प्रमुख हैं.
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आनंद मोहन का था पीछे से समर्थन
इस जीत के पीछे की कहानी अलग है. निर्दलीय उम्मीदवार रहे राहुल राज एनडीए के बागी थे. पूर्व सांसद आनंद मोहन का उन्हें पीछे से समर्थन प्राप्त था. अब सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि नीतीश कुमार के करीबी रहे आनंद मोहन ने बगावत कर एक उम्मीदवार को जीत दिला दी. अगर ऐसा नहीं होता तो आनंद पुष्कर की जीत तय मानी जा रही थी.
पिछले कुछ दिनों को याद करें तो आनंद मोहन लगातार जेडीयू के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे. हालांकि उनकी पत्नी लवली आनंद जेडीयू से ही सांसद हैं. बेटे चेतन आनंद जेडीयू से ही विधायक हैं. इसके बावजूद आनंद मोहन ने जेडीयू के प्रत्याशी का समर्थन नहीं किया.
तीन-चार से मेहनत कर रहे थे राहुल राज
राहुल राज ने कहा कि मेरी मेहनत तीन-चार सालों की थी, लेकिन ये शिक्षकों का आशीर्वाद है. मैंने बड़ा ईमानदार प्रयास किया था. ईमानदार प्रयास देखकर ही लगता है कि मुझे शिक्षकों ने आशीर्वाद दिया है.
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