Headlines

क्या है अटल आवासीय योजना? बेटियों को मुफ्त मिलेगी पढ़ाई और हॉस्टल सुविधा


उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल और आधुनिक सुविधाओं से लेस यह विद्यालय उन परिवारों की बालिकाओं के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाती है. इस योजना के अंतर्गत चयनित छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए कई तरह की निशुल्क सुविधा दी जाती है.

इसमें छात्राओं को कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई, मॉडर्न हॉस्टल में रहने की व्यवस्था और पौष्टिक भोजन पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है. इसके अलावा किताबें, स्टेशनरी, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म, जूते और खेलकूद का सामान सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाता है.

इसमें छात्राओं को कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई, मॉडर्न हॉस्टल में रहने की व्यवस्था और पौष्टिक भोजन पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है. इसके अलावा किताबें, स्टेशनरी, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म, जूते और खेलकूद का सामान सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाता है.

वहीं स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब और स्पोर्ट्स ग्राउंड की विश्व स्तरीय व्यवस्था की गई है. इसके अलावा बच्चों के लिए मेडिकल सुविधाएं और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने वाली शैक्षणिक गतिविधियां भी शामिल है.

वहीं स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब और स्पोर्ट्स ग्राउंड की विश्व स्तरीय व्यवस्था की गई है. इसके अलावा बच्चों के लिए मेडिकल सुविधाएं और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने वाली शैक्षणिक गतिविधियां भी शामिल है.

अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए कुछ मुख्य पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं. इसमें वह बालिकाएं, जिनके माता-पिता उत्तर प्रदेश भवन या अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक है और बोर्ड की अध्यक्षता पूरी कर चुके हैं. वहीं इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए कुछ मुख्य पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं. इसमें वह बालिकाएं, जिनके माता-पिता उत्तर प्रदेश भवन या अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक है और बोर्ड की अध्यक्षता पूरी कर चुके हैं. वहीं इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

इसके अलावा कोरोना कल के दौरान अपने माता-पिता को खोने वाले अनाथ बच्चे या मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और महिला कल्याण विभाग की ओर से चिन्हित पात्र बच्चे एडमिशन के लिए योग्य है. वहीं एक रजिस्टर्ड श्रमिक के अधिकतम दो बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. लाभार्थी की आयु सीमा आमतौर पर 6 से 16 वर्ष के बीच होनी चाहिए. कक्षा 6 में एडमिशन के लिए मान्यता प्राप्त विद्यालय से कक्षा 5 और कक्षा 9 में एडमिशन के लिए कक्षा 8 उत्तीर्ण होना चाहिए.

इसके अलावा कोरोना कल के दौरान अपने माता-पिता को खोने वाले अनाथ बच्चे या मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और महिला कल्याण विभाग की ओर से चिन्हित पात्र बच्चे एडमिशन के लिए योग्य है. वहीं एक रजिस्टर्ड श्रमिक के अधिकतम दो बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. लाभार्थी की आयु सीमा आमतौर पर 6 से 16 वर्ष के बीच होनी चाहिए. कक्षा 6 में एडमिशन के लिए मान्यता प्राप्त विद्यालय से कक्षा 5 और कक्षा 9 में एडमिशन के लिए कक्षा 8 उत्तीर्ण होना चाहिए.

इस योजना के लिए विद्यालयों में एडमिशन सीधे नामांकन के बजाय राज्य स्तरीय चयन परीक्षा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से होता है. इस योजना से जुड़ी परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं. कक्षा 6 के लिए मानसिक क्षमता, अंक गणित और भाषा से जुड़े सवाल होते हैं, जबकि कक्षा 9 की परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी और गणित और विज्ञान विषयों का आकलन किया जाता है.

इस योजना के लिए विद्यालयों में एडमिशन सीधे नामांकन के बजाय राज्य स्तरीय चयन परीक्षा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से होता है. इस योजना से जुड़ी परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं. कक्षा 6 के लिए मानसिक क्षमता, अंक गणित और भाषा से जुड़े सवाल होते हैं, जबकि कक्षा 9 की परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी और गणित और विज्ञान विषयों का आकलन किया जाता है.

वहीं ऑनलाइन आवेदन के लिए एडमिशन से जुड़ी गाइडलाइन, डेट और आवेदन की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार की जिला वेबसाइटों और उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करके इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.

वहीं ऑनलाइन आवेदन के लिए एडमिशन से जुड़ी गाइडलाइन, डेट और आवेदन की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार की जिला वेबसाइटों और उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करके इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.

पेरेंट्स अपनी बेटियों के एडमिशन के लिए इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन पूरे कर सकते हैं. ऑफलाइन आवेदन के लिए पेरेंट्स अपने नजदीकी लेबर ऑफिस, संबंधित तहसील के तहसीलदार या विकास खंड के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर कार्यालय से आवेदन फाॅर्म प्राप्त कर और इसे भरकर जरूरी डॉक्यूमेंट जमा कर सकते हैं.

पेरेंट्स अपनी बेटियों के एडमिशन के लिए इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन पूरे कर सकते हैं. ऑफलाइन आवेदन के लिए पेरेंट्स अपने नजदीकी लेबर ऑफिस, संबंधित तहसील के तहसीलदार या विकास खंड के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर कार्यालय से आवेदन फाॅर्म प्राप्त कर और इसे भरकर जरूरी डॉक्यूमेंट जमा कर सकते हैं.

Published at : 21 Oct 2026 08:48 AM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *