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गाजीपुर: पीड़ित पक्ष को सरकार ने दिए 5 लाख रुपए, 1.5 बीघा जमीन और मुख्यमंत्री आवास, ओपी राजभर पहुंचे करंडा


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  • पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये, आवास और जमीन का पट्टा मिला.
  • मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
  • पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, दूसरे की तलाश जारी है.
  • गांव में पुलिस पर पथराव, दर्ज हुए 46 नामजद और 200 अज्ञात पर मुकदमे.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिला के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में पीड़ित सियाराम विश्वकर्मा के परिवार को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक और आवासीय मदद दी गई है. मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गांव पहुंचकर सियाराम विश्वकर्मा को जमीन के पट्टे के कागजात, 5 लाख रुपये का चेक और मुख्यमंत्री आवास योजना से जुड़ा दस्तावेज सौंपा. उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव मदद दी जाएगी.

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वे मौके पर पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी बात सुनी गई है और मुख्यमंत्री की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता, 1.5 बीघा जमीन और आवास उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सख्त है. राजभर ने आरोप लगाया कि सपा दंगा कराने की फिराक में है.

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उधर, पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 5:44 बजे डायल-112 पर सियाराम शर्मा ने सूचना दी कि उनकी पुत्री ने जमानियां गंगा नदी पुल से कूदकर जान दे दी है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नदी से निकलवाया और विधिक प्रक्रिया के तहत पंचायतनामा व पोस्टमार्टम कराया. रिपोर्ट में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया है और शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं पाए गए.

पुलिस ने और क्या बताया?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 18/19 अप्रैल की रात सियाराम शर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें हरिओम पाण्डेय और अभिषेक पाण्डेय को आरोपी बनाया गया. 19 अप्रैल को ही मुख्य आरोपी हरिओम पाण्डेय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.

इस बीच 22 अप्रैल को कटारिया गांव में पुलिस पर पथराव की घटना हुई, जिसमें एक महिला समेत दो लोग घायल हुए, जबकि कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं. इस मामले में 46 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. नामजद आरोपियों में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सदर विधायक जैकिशन साहू और जंगीपुर विधायक वीरेन्द्र यादव शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि घटना के समय एक राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल गांव में मौजूद था और उसी दौरान भीड़ उग्र हुई.

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पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोप पत्र दाखिल कर आरोपियों के खिलाफ सख्त पैरवी की जाएगी. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे.



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