देश के सबसे चर्चित और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा शिंकजा कस दिया है. साबरमती सेंट्रल जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को हाल ही में जेल के भीतर ही बेहद सख्त और अति-सुरक्षित घेरे वाले विशेष हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक 200 में शिफ्ट कर दिया गया है. खूंखार आंतकियों और सीरियल ब्लास्ट के दोषियों के लिए बनाए गए इस ब्लॉक में लॉरेंस को पूरी तरह से अलग-थलग कर एक 7.5*11 फीट की तंग कोठरी में कड़ी निगरानी में रखा गया है. इस बीच एक बड़ा सवाल देश भर में गूंज रहा है कि जब लॉरेंस गैंग के अपराध पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और मुंबई तक फैले हैं, तो वह पिछले कई साल से गुजरात की ही जेल में क्यों बंद है और वहां से उसका क्या कनेक्शन है.
करोड़ों की ड्रग्स तस्करी का मामला और गुजरात एंट्री
लॉरेंस बिश्नोई का गुजरात से पहला सीधा कनेक्शन अगस्त 2023 में जुड़ा था. उस समय गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने कच्छ के पास समंदर के रास्ते आई करोड़ों रुपये की सीमा पार ड्रग्स तस्करी के एक बड़े मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल से लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी ली थी.
जांच एजेंसियों को पुख्ता इनपुट मिले थे कि जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस का नेटवर्क पाकिस्तानी तस्करों की मदद से भारत में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप भेजने वाले सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था. इसी ड्रग्स रैकेट की गहरी जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए उसे दिल्ली से गुजरात लाया गया था और तब से सुरक्षा कारणों के चलते उसे साबरमती सेंट्रल जेल में ही रखा गया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय का वह आदेश जिसने लगा रखी है रोक
लॉरेंस बिश्नोई के गुजरात से बाहर न निकल पाने और किसी दूसरे राज्य की जेल में शिफ्ट न हो पाने की सबसे बड़ी कानूनी वजह केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक बेहद सख्त आदेश है. दरअसल, गृह मंत्रालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 303 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेश को लगातार आगे बढ़ाया है.
इस विशेष कानूनी प्रावधान के लागू रहते तक कोई भी राज्य सरकार या देश की कोई भी जांच एजेंसी बिश्नोई को किसी भी दूसरे राज्य में ले जाने के लिए साबरमती जेल से बाहर नहीं निकाल सकती.
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इंटरव्यू विवाद और जेल के भीतर से गैंग चलाने के शक
सुरक्षा एजेंसियों को लगातार यह इनपुट मिल रहे थे कि अलग-अलग राज्यों की जेलों में रहने के दौरान लॉरेंस बिश्नोई मोबाइल और इंटरनेट तकनीक का इस्तेमाल करके अपने गैंग को ऑपरेट कर रहा था. पंजाब की जेल में रहने के दौरान उसके सनसनीखेज वीडियो इंटरव्यू सामने आने के बाद सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया था.
ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से गुजरात की साबरमती जेल को सबसे सुरक्षित माना गया, जहां जैमर्स और कड़ी सुरक्षा के बीच उसे बाहरी दुनिया और अपने गैंग मेंबर्स से पूरी तरह काटने का प्रयास किया गया, गुजरात पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसके तकनीकी और भौतिकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त रखने के लिए मुस्तैद हैं.
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