भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ हमलावर हैं. आज सुबह उन्होंने गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन 2026 एमएलसी चुनाव में पर्यवेक्षक IAS अभय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. उनके ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों के बाद भी उन्हें पर्यवेक्षक बने की जांच करने और उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग का पत्र मुख्य निर्वाचन आयोग को लिख दिया.
इसके बाद में गोरखपुर विश्वविद्यालय के बूथ पर डॉक्टर संजयन त्रिपाठी के समर्थन में जाकर खड़े हो गए. हाथ जोड़ी हुई उनकी तस्वीर बहुत कुछ कहती है. डॉ संजय त्रिपाठी भी भाजपा से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहला पर्चा भरा. उसके बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था. उनकी भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के साथ कांटे की टक्कर है.
तस्वीरों में बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी भी आए नजर
उनके दूसरी ओर भाजपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी भी बैठे दिखाई दे रहे हैं. जिन्होंने भारी बारिश के बीच गोरखपुर के सांसद रविकिशन से जल जमाव की समस्या पर रेगुलेटर खोलने की बात की तो सांसद रवि किशन ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि सपा जॉइन कर लिए हो क्या?
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के चुनाव में दोपहर बाद सपा प्रत्याशी डॉक्टर संजयन त्रिपाठी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर के बूथ के बाहर अपने टेंट में पहुंचे तो वहां पर कुछ ही देर बाद देवेंद्र प्रताप सिंह भी पहुंच गए. देवेंद्र प्रताप सिंह भाजपा के एमएलसी हैं और लगातार भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के शक्ति प्रदर्शन में आए मुख्यमंत्री की सभा में हुई बेइज्जती का बदला बगावत के रूप में ले रहे हैं.
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने मंच उतारा था नीचे
बताया जा रहा है कि देवेंद्र प्रताप सिंह जब मंच पर चढ़ने लगे थे तो भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने उन्हें यह कहते हुए मंच से नीचे उतार दिया था कि विधायकों के बैठने की जगह नीचे तय की गई है. विनोद राय को इस बात का जरा भी एहसास नहीं था कि उनकी यह छोटी सी चूक कितना बड़ा तूफान लाने वाली है.
दबी जुबान देवेंद्र प्रताप सिंह के लोगों ने यह भी बताया कि विनोद राय द्वारा यह भी कहा गया कि ‘तुम्हारे जैसे एमएलसी मैंने बहुत देखे हैं’. यही बात देवेंद्र प्रताप सिंह के दिल में गहराई तक उतर गई. इसके बाद से उन्होंने लगातार डीआईओएस से लेकर पर्यवेक्षक अभय सिंह तक को नहीं छोड़ा. आज मतदान के दिन तक वे मुख्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पर्यवेक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिए. इसके बाद डॉक्टर संजय त्रिपाठी के समर्थन में उनके साथ गलबहियां करते हुए नजर आ रहे हैं.
यह तस्वीर बता रही है कि भाजपा के अंदर खाने में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पहले चिल्लू पार से भाजपा की महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष अस्मिता चंद बसपा की हाथी पर बैठ गई और विधानसभा 2027 के चुनाव की प्रभारी भी बन गई है. इसके बाद डॉक्टर संजयन त्रिपाठी बागी होकर समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार हो गए.
बीजेपी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के बदले तेवर
अब देवेंद्र प्रताप सिंह जो भाजपा एमएलसी हैं उनके तेवर भी बदले हुए नजर आ रहे हैं. जो इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस चुनाव में सपा प्रत्याशी डॉक्टर संजयन त्रिपाठी द्वारा भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को कड़ी टक्कर मिल रही है. ऐसे में चुनावी ऊंट किसी भी करवट बैठकर खतरे की घंटी बजा सकता है.
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