China: चीन की अर्थव्यवस्था में साल 2026 के शुरुआती महीनों में उम्मीद से ज्यादा बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. आधिकारिक डेटा की मानें तो जनवरी से मार्च के बीच चीन की जीडीपी पिछले साल की तुलना में 5 प्रतिशत के साथ आगे बढ़ी है.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों ने आंकड़ा करीबन 4.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. यह पहली बार देखा गया है कि चीन ने पिछले महीने अपने एनुअल इकोनॉमिक ग्रोथ टारगेट को घटाकर 4.5 से 5 फीसदी करने के बाद आधिकारिक जीडीपी के आंकड़े जारी किए हैं.
चीन की जीडीपी उछाल में इस सेक्टर का हाथ
चीन की जीडीपी में पिछले क्वार्टर में 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी. इस बार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वजह से चीन की जीडीपी में उछाल देखा गया है. एक तरफ दुनियाभर के देशों की इकोनॉमी में रियल स्टेट इन्वेस्टमेंट में गिरावट का दौर है, तो इधर चीन में कारों और अन्य निर्यात ने जीडीपी ग्रोथ में बढ़ोतरी करने में अहम भूमिका निभाई है.
भविष्य में अर्थव्यवस्था में चीन ने इनोवेशन, हाई-टेक इंडस्ट्री और डोमेस्टिक खर्च में बढ़ोतरी करने में निवेश सेक्टर में योगदान देने का वादा किया है. चीन अपनी इकोनॉमी को नया रूप देने की कोशिश कर रहा है. चीन का मानना है कि रियल स्टेट में संकट, आबादी में गिरावट और खपत में गिरावट के बाद से ऐसा हो रहा है.
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ईरान जंग से बीजिंग में गहराया ऊर्जा संकट
इसके अलावा चीन ऊर्जा संकट से भी जूझ रहा है. इसकी वजह है मिडिल ईस्ट में बना लगातार एक महीने से ज्यादा वक्त से जंग का महौल है. साथ ही ट्रंप प्रशासन की टैरिफ पॉलिसी भी इसकी वजह है. साथ ही ग्लोबल मार्केट में बने प्रेशर ने भी चीन पर असर डाला है. चीन को फिलहाल 10% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है.
चीन का आयात भी बढ़ा है
जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स ने मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया कि चीन के एक्सपोर्ट में ग्रोथ तेजी से घटकर 2.5% रह गई. एक्सपोर्ट ग्रोथ का यह सबसे निचला स्तर है. जनवरी-फरवरी के कुल एक्सपोर्ट में पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी. इसके अलावा चीन का आयात भी 28 फीसदी बढ़ा है.
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