देश में बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले छात्रों को अक्सर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए दूसरे शहरों का सफर करना पड़ता है. इससे आने-जाने, खाने और रहने का खर्च बढ़ जाता है. अब परीक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर एक नई सिफारिश सामने उठाई गई है. इसके तहत देश के हर जिले में कम से कम एक स्थायी कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र खोलने की बात कही गई है. अगर इस प्रस्ताव पर अमल होता है, तो काफी छात्रों को मिलेगी राहत.
हर जिले में खुलेगा स्थायी टेस्ट सेंटर
शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA को देश के हर जिले में कम से कम एक स्थायी कंप्यूटर आधारित टेस्ट सेंटर बनाने की सिफारिश की है. इसका मकसद छात्रों को उनके घर के नजदीक परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध कराना है. अभी कई छात्रों को NEET-UG, JEE Main और CUET जैसी परीक्षाओं के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है. इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं. खासकर छोटे शहरों और गांवों के छात्रों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने में परेशानी होती है. जिले में परीक्षा केंद्र होने से यह परेशानी कम हो जाएगी.
कहां हो सकते हैं सेंटर तैयार ?
प्रस्ताव के तहत सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में मौजूद कंप्यूटर लैब का इस्तेमाल परीक्षा केंद्र बनाने के लिए किया जा सकता है. केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, पीएम-श्री स्कूल और सरकारी तकनीकी संस्थानों के कंप्यूटर सिस्टम की जांच करके उन्हें परीक्षा के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. इन केंद्रों पर कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली की सुविधा और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम भी जरूरी इससे परीक्षा कराने के लिए निजी केंद्रों पर निर्भरता भी कम की जा सकती है.
यह भी पढ़ें : साहित्य अकादमी की 30 पदों वाली भर्ती रद्द, वापस होगी अभ्यर्थी की फीस
पेपर लीक रोकने और परीक्षा को सुरक्षित बनाने की तैयारी
समिति ने परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कई सुझाव दिए हैं. इनमें सरकारी परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाना, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत करना और छात्रों को कंप्यूटर पर परीक्षा देने का अभ्यास कराने के लिए मॉक टेस्ट की सुविधा देना शामिल है. समिति ने NEET-UG को भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने की सिफारिश की है. इसका मकसद परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है. .
छात्रों को क्या फायदा होगा ?
अगर इस योजना को लागू किया जाता है, तो छात्रों को परीक्षा देने के लिए दूर के शहरों में जाने की जरूरत शायद ही पड़े. इससे आने-जाने और रहने का खर्च बचेगा और परीक्षा के दिन सफर की परेशानी भी कम होगी. खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों के छात्रों को इसका फायदा मिल सकता है.
यह भी पढ़ें : GDS की पहली मेरिट में गजब का अंतर, कहीं 100% तो कहीं 83.5% कटऑफ पर नौकरी
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
