चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सोमवार (12 अक्टूबर, 2026) को केंद्र सरकार की तरफ से जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले का स्वागत किया है. CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि CTI ने पिछले हफ्ते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र लिखकर मांग की थी कि जंतर-मंतर को धरना स्थल से हटाया जाए. सरकार ने हमारी मांग मान ली है, इसके लिए दिल्ली के 20 लाख व्यापारी केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं.
हालांकि, सरकार ने अब तीन नए स्थान चिह्नित किए हैं, जिसमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड शामिल है, लेकिन हमें इस सूची में रामलीला मैदान को शामिल किए जाने के फैसले पर आपत्ति है.
CTI की आपत्ति – रामलीला मैदान को हटाया जाए
बृजेश गोयल ने कहा, ‘हमें इस फैसले में एक आपत्ति है. रामलीला मैदान को प्रदर्शन स्थल बनाना दिल्ली के व्यापार के लिए बेहद नुकसानदायक होगा. रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में ही दिल्ली का दिल कहे जाने वाला दिल्ली-6 बिजनेस हब आता है. ऐसे में अगर रामलीला मैदान में प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं, तो इससे कमला मार्केट, चावड़ी बाजार, नया बाजार, सदर बाजार, चांदनी चौक, खारी बावली, लाजपत राय मार्केट, भागीरथ प्लेस, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज, अजमेरी गेट और दरियागंज में व्यापार प्रभावित हो सकते हैं.’
उन्होंने कहा, ‘दिल्ली-6 पुरानी दिल्ली के ये बाजार, दिल्ली के बिजनेस हब हैं और देश-विदेश में यहां से रोजाना अरबों रुपये का व्यापार होता है. अगर रामलीला मैदान में धरने-प्रदर्शन होंगे, बैरिकेडिंग लगेगी, मेट्रो स्टेशन बंद होंगे तो इन सभी बाजारों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा, खासकर इस फेस्टिवल सीजन में.’
CTI की गृह मंत्रालय और दिल्ली CP से मांग
CTI ने गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि जो तीन स्थान चिह्नित किए गए हैं, उनमें से रामलीला मैदान को हटा दिया जाए. बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड को रखा जाए और बाहरी दिल्ली में कोई अन्य स्थान दे दिया जाए, लेकिन रामलीला मैदान को धरना-प्रदर्शन स्थल न बनाया जाए.
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