US Iran War: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में विफल हुई वार्ता के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका और ईरान-चीन के बीच तनाव गहराता जा रहा है. फिलहाल इस इलाके में भारत के कई जहाज भी मौजूद हैं. इसी को लेकर मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के कई जहाज अभी भी मौजूद हैं.
मंत्रालय ने कहा- हम जहाजों को वापस लाने की कोशिश कर रहे
मुकेश मंगल ने कहा कि हम विदेश मंत्रालय के साथ तालमेल बिठाकर अपने जहाजों को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए पूरे प्रयास कर रहे हैं. जैसे ही हमारे जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रवाना होना संभव होगा. वे जहाज वापस आ जाएंगे. फिलहाल, वहां कुल 15 भारतीय ध्वज वाले और भारतीय स्वामित्व वाले जहाज मौजूद हैं.
इसके अलावा उन्होंने ग्रीन आशा और जग विक्रम जहाज के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ग्रीन आशा जहाज 9 अप्रैल को जेएनपीटी मुंबई के तट पर पहुंच चुका है. इसके अलावा जग विक्रम 15 अप्रैल को कांडला पहुंच जाएगा.
क्या चल रहा है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ?
दरअसल, इस जगह को लेकर अमेरिका अड़ गया है. उसने ईरान पर जबरन वसूली का आरोप लगाया है. ऐसे में ईरान ने अमेरिका की नाकेबंदी की घोषणा के बाद कहा है कि अगर उसके बंदरगाहों को खतरा होता है, तो फारस की खाड़ी या ओमान की खाड़ी में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा.
वहीं, ट्रंप का कहना है कि अमेरिका तत्काल प्रभाव से होर्मुज स्ट्रेट में एंट्री करने या बाहर निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों की नाकेबंदी शुरू करेगा. उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन जहाजों को रोकने का निर्देश दिया है, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए ईरान को शुल्क चुकाया है.
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