ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरकी सेना को पीछे धकेलने की दावा किया है. उन्होंने कहा कि ईरान के बहादुर लड़ाकों और होर्मुज के रक्षकों से मिली हार के बाद अब यूएस की हम्मत अरब सागर से आगे बढ़ने की नहीं रही है. उन्होंने कहा कि जल्दी ही अरब सागर भी उनकी मौजदूगी से मुक्त हो जाएगा. खामेनेई का ये बयान ऐसे समय में आया है जब यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कर दिया.
ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका पूरा अधिकार है और किसी के बयान से इसके स्टेट्स पर असर पड़ने वाला नहीं है. ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ रियर एडमिरल हबीबोल्लाह सय्यारी ने कहा कि दुश्मन की बयानबाजी के बावजूद होर्मुज ईरान के पूर्ण नियंत्रण में है. वहीं होर्मुज के पूर्वी हिस्से और उत्तरी हिंद महासागर की जिम्मेदारी ईरानी नौसेना के पास है.
ईरान के इस प्रस्ताव को ट्रंप ने किया था खारिज
ईरान ने अमेरिका के सैन्य दबाव को कम करने और अपने बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाने की स्थिति में सात दिनों के भीतर स्ट्रेट को फिर से खोलने की पेशकश की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. हालांकि, ट्रंप ने कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो सकती है. दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया आईआरएनए ने सोमवार (28 सितंबर) को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल फिलहाल अमेरिका के साथ किसी नई बातचीत की योजना नहीं बना रहा है.
एडवांस्ड एयूवी पनडुब्बी पकड़ने का दावा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में एक अमेरिकी बिना चालक वाली पनडुब्बी को पकड़ने का दावा किया. आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहब्बी ने बताया, ‘होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका के पनडुब्बी वाहनों के लिए शिकारगाह बन गया है. यहां यूएस के एमके 18 मॉड 2 किंगफिश’ को पकड़ा गया है.’ यह एक एडवांस्ड एयूवी यानी बिना चालक के अपने आप पानी के नीचे चलने वाला वाहन है, जिसमें सोनार और सटीक नेविगेशन सिस्टम लगे हैं. इसकी कीमत कई मिलियन डॉलर है.
