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‘डील, ताइवान, और…’, जिनपिंग-ट्रंप के बीच ओवल ऑफिस के बंद दरवाजों में चर्चा


अमेरिकी दौरे पर पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का रोज गार्डन में वेलकम सेरेमनी हुई. मिलिट्री रिव्यू जैसे शानदार प्रोग्राम के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ओवल ऑफिस भी पहुंचे हैं. जहां दोनों नेताओं के बीच निजी चर्चा होनी है. इसमें कई मुद्दे शामिल हो सकते हैं. 

जब दोनों देश के नेता चर्चा के लिए बैठेंगे तो उनके बीच कई तरह की बातचीत की संभावना है. इनमें उनके पास चर्चा के लिए कई मुश्किल मुद्दे हो सकते हैं.

चीन अक्सर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपीलों और आर्थिक पाबंदियों से जुड़ी अपीलों को नजरंदाज ही करता आया है. इनमें ईरान पर प्रेशर डालकर 7 महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका की शर्ते मानने की अपील भी शामिल हैं. 

ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका से क्या चाहते हैं शी जिनपिंग
शी चाहते हैं कि ट्रंप ताइवान को हथियारों की ब्रिकी को हमेशा के लिए रोक दे. मॉर्डन चिप्स एक्सपोर्ट पर लगे बैन में ढील दे. ऐसे में बुधवार को दोनों पक्ष एक साल के उस ट्रेड डील को दो महीने और बढ़ाने पर सहमत हुए हैं, जो 10 नवंबर को खत्म होने वाला था. चीन और अमेरिका एक ऐसी डील की तरफ आगे बढ़ सकते हैं, जो ज्यादा टिकाऊ और प्रभावी हो.

इधर, शी जिनपिंग और ट्रंप दोनों एक दूसरे के साथ पुराने रिश्तों पर ध्यान दे रहे हैं. व्हाइट हाउस पहुंचने पर शी जिनपिंग ने कहा है कि दोनों देशों के बीच मुकाबला हेल्दी होना चाहिए. एक सीमित दायरे में होना चाहिए. 

दोनों देशों की फर्स्ट लेडीज ने किया म्यूजियम का दौरा

इधर, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात जारी है. उस समय अमेरिका की फर्स्ट लेडी और शी की पत्नी पेंग लियुआन ने डीसी में स्मिसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन ऑर्ट का दौरा किया है. एक स्थानीय चीनी स्कूल के बच्चों ने चीनी और अमेरिकी झंडा लहराते हुए फर्स्ट लेडीज के लिए गाना भी गाया है. 

दूसरी औपचारिक यात्रा करने वाले पहले चीनी नेता बने शी: ट्रंप
ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का व्हाइट हाउस में स्वागत किया, व्हाइट हाउस में चीन का राष्ट्रगान बजाकर स्वागत किया गया. ट्रम्प ने कहा, ‘राष्ट्रपति शी अमेरिका की दूसरी औपचारिक राजकीय यात्रा करने वाले पहले चीनी नेता बन गए हैं. 2016 में मेरे पहले चुनाव के समय से ही, राष्ट्रपति शी और मेरे बीच एक दोस्ती कायम हुई है. एक बहुत ही शानदार दोस्ती, जो आपसी सम्मान और हमारे लोगों के अहम हितों पर आधारित है.

ट्रंप ने कहा, ‘हमने दुनिया भर में कई जगहों पर साथ समय बिताया है, जर्मनी से अर्जेंटीना, जापान से दक्षिण कोरिया, और बीजिंग से लेकर फ्लोरिडा के पाम बीच तक, लेकिन हैरानी की बात है कि व्हाइट हाउस में हमारी यह पहली मुलाकात है और जैसा कि राष्ट्रपति शी ने देखा ही होगा, जब वे पिछली बार यहां आए थे, तब से अब बहुत कुछ बदल गया है.’

इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘राष्ट्रपति शी और मैंने हमारे दोनों देशों के सामने मौजूद मुद्दों पर बहुत अच्छी प्रगति की है. पिछले साल मई में मेरी यात्रा के दौरान, हमने ‘बोर्ड ऑफ ट्रेड’ बनाया था. यह एक बिल्कुल नया सिस्टम है और बहुत सफल रहा है. हमारी टीमें ज्यादा संतुलित व्यापारिक रिश्ते को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं. इस यात्रा के दौरान, हम सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और सुपर इंटेलिजेंस (SI) से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे.’

ट्रंप ने कहा, ‘इन क्षेत्रों में आज हम जो फैसले लेंगे, वे आने वाले कई दशकों तक शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं. इतिहास गवाह है कि साझे हितों की चाह ने हमारे लोगों को विशाल महासागरों, बहुत लंबी दूरियों और कई तरह के अंतरों के बावजूद एक-दूसरे से जोड़ा है. यहां तक कि दूसरे विश्व युद्ध में हमें सहयोगी भी बनाया.’

ट्रंप ने चीन को दिलाई वॉर्ल्ड वॉर के समय के रिश्तों की याद

इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘जरा उस महानता को देखिए जो हमने दूसरे विश्व युद्ध में साथ मिलकर दिखाई थी. अमेरिका के बहादुर पायलटों ने अपनी मर्जी से चीन आकर एक महान देश के अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी.  वह मशहूर ‘फ्लाइंग टाइगर्स’ ग्रुप  वे सचमुच अद्भुत थे. चीनी लोगों के साथ हुई मुलाकात ने ही यूनाइटेड स्टेट्स मरीन को एक चीनी वाक्यांश अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसका इस्तेमाल वे आज भी करते हैं — ‘गंग-हो’ (gung-ho).’

ट्रंप ने कहा, ‘मरीन इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा उत्साह दिखाने के लिए करते हैं, लेकिन चीनी भाषा में इसका असल मतलब है ‘मिलकर काम करना’. जिस तरह हमारे लोगों ने मिलकर दूसरा विश्व युद्ध जीता था, उसी तरह राष्ट्रपति शी और मैं दोनों देशों के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. राष्ट्रपति शी, मैडम पेंग, इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए एक बार फिर आपका धन्यवाद और U.S.A. में आपका स्वागत है.’

चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ बेहतर रिश्तों पर दिया जोर

वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि  मुझे आपके खूबसूरत देश, संयुक्त राज्य अमेरिका की राजकीय यात्रा करते हुए बहुत खुशी हो रही है. 1.4 अरब से ज्यादा चीनी लोगों की ओर से, मैं अमेरिकी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए  और अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ पर गर्मजोशी से बधाई देते हुए अपनी बात शुरू करना चाहता हूं.

जिनपिंग ने कहा, ‘चीन और अमेरिका, दोनों ही महान देश हैं और वहां के लोग भी महान हैं. मैं राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका की यात्रा कर रहा हूं, ताकि हम अपनी दोस्ती को आगे बढ़ा सकें.  सहयोग का दायरा बढ़ा सकें और दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए काम कर सकें. आज के दौर में दुनिया में हो रहे ऐतिहासिक महत्व के बदलावों को देखते हुए,  चीन और अमेरिका जैसे दो प्रमुख देशों पर इंसानी विकास और तरक्की को आगे बढ़ाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है.’





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