फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ डॉन 3 को छोड़ने की वजह से नॉन को-ऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था. इसके एक दिन बाद, चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने खुलासा किया है कि उन्होंने धुरंधर अभिनेता से कई बार कॉन्टेक्ट करने की कोशिश की, लेकिन वे अवेलेबल नहीं हुए.
FWICE से क्यों नहीं मिले रणवीर सिंह?
ईटाइम्स से बात करते हुए पंडित ने दावा किया कि फेडरेशन ने रणवीर से कॉन्टेक्ट करने की तीन कोशिश की थी. हालांकि, अभिनेता किसी भी मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे. अशोक पंडित ने कहा, “इसलिए हमने पूरी कोशिश की. हमने उन्हें तीन बार इनवाइट भेजा. कोई जवाब नहीं आया, और फिर आखिर में जब उन्हें पता चला कि हम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, तो उन्होंने मेल भेजा और कहा कि यह मामला हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.”
उन्होंने आगे कहा, “तो ठीक है, अगर आपको इतना ही लगता है तो, कोई बात नहीं. कोई फर्क नहीं पड़ता. तो यह एक बेसिक बात है, हम इंतजार करेंगे. हम प्रोड्यूसर बॉडी के साथ बैठेंगे. अलग-अलग एसोसिएशन के साथ बैठेंगे और देखेंगे कि आगे क्या होता है.”
और उन्होंने बताया कि अगर रणवीर मेकर्स और टीम के साथ बैठकर सॉल्यूशन निकालने के लिए तैयार हो जाते तो बेहतर होता. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का एंड होना बेहद जरूरी है क्योंकि आखिरकार लोगों को काम करना ही है.
रणवीर सिंह ने डॉन 3 क्यों छोड़ी?
रणवीर सिंह को 2023 में ऑफिशियली नए डॉन के रूप में डॉन 3 में कास्ट किया गया था. एक प्रमोशनल वीडियो ने ऑनलाइन जबरदस्त चर्चा बटोरी, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट में देरी हो गई. कई ऑनलाइन रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर सिंह ने फिल्म मेकर्स के साथ क्रिएटिव मतभेदों के कारण फिल्म छोड़ दी थी. वहीं फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि रणवीर इस किरदार का एक ज्यादा इंटेंस और अग्रेसिव वर्जन चाहते थे, जिसमें स्ट्रॉन्ग लैंगवेज और ज्यादा हिंसा शामिल हो, जबकि फरहान अख्तर कथित तौर पर फ्रेंचाइजी के लिए अपने ओरिजनल विजन के करीब रहना चाहते थे.
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