बंगाल की नंदीग्राम सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी की यह बदले की भावना और ‘अत्याचार की राजनीति’ एक साफ पैटर्न दिखाती है. हेरफेर, वोटों की लूट और डराने-धमकाने के दम पर चुनाव एजेंसी और बीजेपी की यह हिस्सेदारी हर दिन लोकतंत्र का गला घोंट रही है.’
कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ, जब कुछ घंटे पहले ही नंदीग्राम से टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान किया था.
ममता ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल खड़े होते हैं. उनको तब गिरफ्तार किया गया, जब हमने उनको कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया. यह बीजेपी का पुराना तरीका है किसी पुराने मामले को दोबारा उखाड़ने का.’
Minutes after we extended our support to the Congress candidate for the bypoll in Nandigram, the Congress candidate Milan Pradhan was arrested. The timing raises serious questions and is the usual BJP formula: dig out an old case. But why now? Just after we announced support to…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) September 18, 2026
कांग्रेस ने बीजेपी-चुनाव आयोग पर साधा निशाना
नंदीग्राम से अपने उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तार को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में BJP और इलेक्शन कमीशन मिलकर चुनाव को लूटने में लगे हैं. नंदीग्राम उपचुनाव से पहले आज जो घटनाक्रम हुआ, वो लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है.
कांग्रेस ने कहा, ‘पहले ममता बनर्जी के कैंडिडेट को डरा-धमकाकर नामांकन रद्द करवाया गया और अब कांग्रेस के कैंडिडेट मिलन प्रधान को 19 साल पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया गया है. नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को पूरी तरह से खत्म करने में लगे हैं. ये सारी साजिशें उसी का सबूत है. हम इन साजिशों से डरने वाले नहीं हैं. हम मजबूती से इसका सामना करेंगे और BJP को हराएंगे.’
बंगाल का सियासी ड्रामा
बंगाल में शुक्रवार का दिन सियासी उथल-पुथल से भरा रहा. एक तरफ चुनाव आयोग ने जहां टीएमसी का सिंबल और नाम फ्रीज करने के बाद ममता और ऋतब्रत की पार्टी को अलग-अलग सिंबल और नाम दिया. इस पर टीएमसी ने कड़ा विरोध जताया.
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वहीं, सियासी माहौल तब और गरमा गया जब नंदीग्राम सीट से ममता खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने अपना नाम वापस ले लिया. इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन का ऐलान किया था, जिनको कुछ घंटे बाद ही उनको एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था.
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