केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित नगर निगम की पार्षद आर. श्रीलेखा की तरफ से व्हाट्सएप ग्रुप में अपने इस्तीफा देने की जानकारी देने और भाजपा नेताओं की तरफ से उनके इस्तीफे की खबर को झूठा बताए जाने को लेकर राजनीतिक उथल-पुथल मची है. दरअसल, निगम पार्षद आर. श्रीलेखा ने शनिवार (3 अक्टूबर, 2026) को अपने वार्ड के निवासियों के व्हाट्सएप ग्रुप में पद से इस्तीफा देने का संदेश भेजा, लेकिन इसके एक दिन बाद यानी रविवार (4 अक्टूबर, 2026) को भाजपा नेता ने ग्रुप से उस मैसेज को डिलीट कर दिया.
BJP नेताओं का कहना है कि श्रीलेखा ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है और तिरुवनंतपुरम नगर निगम की पार्षद के रूप में अपना काम जारी रखेंगी. यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया जब BJP नेताओं ने रविवार (4 अक्टूबर) को तिरुवनंतपुरम के एक अस्पताल में श्रीलेखा से मुलाकात की. श्रीलेखा इस वक्त स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं.
क्या है मामला?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब श्रीलेखा की तरफ से अपने वार्ड के लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप में भेजे गए एक मैसेज में कहा गया कि उन्होंने मेयर वीवी राजेश को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और सोमवार (5 अक्टूबर) को इसकी एक कॉपी जिला कलेक्टर को देंगी. ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि रविवार शाम करीब 6 बजे यह मैसेज ग्रुप से डिलीट कर दिया गया.
हालांकि, सदस्यों ने यह भी कहा कि इसके बाद से श्रीलेखा का ग्रुप में कोई और मैसेज नहीं आया है. वहीं, उन्होंने अभी तक अपने इस्तीफे से जुड़े मामले पर कोई बयान नहीं दिया है.
मेयर राजेश ने मामले को लेकर क्या कहा?
रिपोर्ट के मुताबिक, मेयर राजेश ने पहले कहा था कि उन्हें 30 सितंबर को इस्तीफा मिला था, लेकिन उन्होंने इसे नगर निगम के सचिव को नहीं भेजा था, क्योंकि इस्तीफा स्वीकार करने का हक उसी अधिकारी के पास है. उन्होंने कहा था कि इस्तीफे में पद से हटने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया गया था. हालांकि, रविवार (4 अक्टूबर) को मेयर राजेश ने कहा कि ऐसा कोई इस्तीफा पत्र उपलब्ध ही नहीं है.
मेयर वीवी राजेश ने कहा, ‘आपको किसने बताया कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है? वह अपना काम जारी रखेंगी और मैंने यह बात कल ही कह दी थी.’ मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे श्रीलेखा की तरफ से व्हाट्सएप ग्रुप में भेजे गए मैसेज के बारे में पूछा गया, तब उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया.
उन्होंने नगर निगम प्रशासन के किसी भी मुश्किल में होने की संभावना से इनकार करते हुए कहा, ‘आप चाहते हैं कि शासन सुचारू रूप से जारी रहे. जैसा कि सभी चाहते हैं, प्रशासन मजबूती से आगे बढ़ेगा.’
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