प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने नेक्सा एवरग्रीन ग्रुप से जुड़े 2676 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. ED की जयपुर की टीम ने सुभाष चंद्र बिजनोरिया उर्फ सुभाष चंद्र बिजारनिया को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया. आरोपी को जयपुर की विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 अगस्त तक चार दिन की ED हिरासत में भेज दिया गया.
ED की जांच राजस्थान पुलिस की कई FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई थी. जांच में सामने आया कि रणवीर बिजारनिया और सुभाष चंद्र बिजनोरिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को निवेश के नाम पर फंसाया. आरोप है कि निवेशकों से कहा गया कि उनका पैसा गुजरात के धोलेरा स्मार्ट सिटी में जमीन और प्लॉटिंग के काम में लगाया जाएगा.
निवेशों को दिया गया लालच
निवेशकों को 60 हफ्तों तक हर हफ्ते 3 फीसदी रिटर्न देने या प्लॉट देने का भरोसा दिया गया. नए लोगों को जोड़ने पर लैपटॉप, बाइक और कार जैसे इनाम और कमीशन का लालच भी दिया गया.
ईडी का क्या कहना?
ED के मुताबिक सुभाष चंद्र इस पूरे नेटवर्क को चलाने वाले प्रमुख लोगों में शामिल था. आरोप है कि दोनों ने कई कंपनियां, LLP, फर्म और दूसरे कारोबार अपने साथियों और निवेशकों के नाम पर बनाए. इनके बैंक खातों के जरिए निवेशकों से पैसा लिया गया, एक खाते से दूसरे खाते में रकम भेजी गई और पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया गया. इस तरह पोंजी स्कीम की तरह पैसा घुमाया गया और बाद में रकम से संपत्तियां भी खरीदी गई.
जून 2025 में ईडी ने अहमदाबाद में 25 ठिकानों पर की थी छापेमारी
ED का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर, निवेशकों का रिकॉर्ड, बैंकिंग कामकाज, कंपनियां बनाने और पैसों को दूसरी जगह भेजने का काम आरोपियों के निर्देश पर होता था. इस मामले में ED ने जून 2025 में जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और अहमदाबाद में 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान करीब 2.04 करोड़ रुपये कैश, कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए थे…इसके अलावा नेक्सा ग्रुप से जुड़े बैंक और क्रिप्टो खातों में करीब 15 करोड़ रुपये भी फ्रीज किए गए थे. ED की मामले में आगे की जांच जारी है.
