नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही के बाद अब तक राहत और बचाव लगातार जारी है. इस त्रासदी में अब तक करीब एक हजार तीन सौ लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि बाढ़ के बाद 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है, जबकि 166 अन्य लोगों को बचा लिया गया है. इसके अलावा, 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित निकलकर नेपाल पहुंच चुके हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या दी जानकारी?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार (4 सितंबर, 2026) को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘नेपाली अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,295 हो गई है. बचावकर्मियों ने प्रभावित इलाकों से कई और शव बरामद किए हैं. इमरजेंसी टीमों ने 12 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू कर लिया है, जबकि करीब 5,000 लोग अभी भी लापता हैं. हालांकि, सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है.’
तिब्बत में अब कोई भारतीय फंसा हुआ नहीं है- जायसवाल
Delhi: MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “The figures we currently have show that 275 Indian citizens are missing. Since this is a dynamic situation, the numbers may fluctuate slightly as new information comes in. Of these 275 individuals, 49 are listed as missing in China,… pic.twitter.com/MHVeZ5tQ0Y
— IANS (@ians_india) September 4, 2026
उन्होंने कहा, ‘हमारी जानकारी के अनुसार, 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं. हम नेपाल सरकार के साथ लगातार करीबी संपर्क बनाए हुए हैं. इस संबंध में नेपाली अधिकारियों की कोशिशों की हम सराहना करते हैं. अब तक 166 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है और 1,907 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल पहुंच चुके हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चीन के तिब्बती इलाके में अब कोई भारतीय नागरिक फंसा हुआ नहीं है.
नेपाल में राहत सामग्री लदे सात विमान भेज चुका भारत- जायसवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘पिछले महीने 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से लेकर अब तक भारत ने सात विमानों के जरिए करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है. इसके अलावा, राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 54 कर्मियों को भी नेपाल भेजा गया है. इनमें 30 टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट, 19 फॉरेंसिक एक्सपर्ट और पांच सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है.’
उन्होंने कहा, ‘भारत नेपाल सरकार की जरूरतों के अनुसार आगे भी मदद उपलब्ध कराता रहेगा. फिलहाल, भारत और फॉरेंसिक किट, बेली ब्रिज और नेपाल सरकार की तरफ से मांगी गई अन्य सामग्री भेजने की योजना बना रहा है. भारतीय रेस्क्यू और फॉरेंसिक टीमें मौके पर तैनात हैं और नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.’
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