बीजेपी नेता व जेवर विधानसभा सीट से विधायक धीरेंद्र सिंह ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पर प्रस्तावित यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) एवं अन्य यात्री शुल्कों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. इस संबंध में उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव को एक विस्तृत पत्र प्रेषित किया है.
विधायक ने अपने पत्र में कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्त्वाकांक्षी अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं सम्पूर्ण उत्तर भारत की जनता को अत्यधिक अपेक्षाएं हैं. यह एयरपोर्ट भविष्य में निवेश, रोजगार, औद्योगिक विकास एवं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र बन सकता है, किन्तु प्रारंभिक चरण में प्रस्तावित शुल्क संरचना जनहित के विपरीत प्रतीत हो रही है.
विधायक ने पत्र में लखनऊ से जेवर के किराए का किया जिक्र
विधायक ने उल्लेख किया कि 07 मई 2026 को इंडिगो एयरलाइंस द्वारा आगामी 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रारंभ होने वाली उड़ानों का शेड्यूल जारी किया गया. प्रारंभिक टिकट दरों के अनुसार लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट तक की उड़ान लगभग ₹5072 प्रदर्शित हो रही है, जबकि इसी अवधि में लखनऊ से दिल्ली एयरपोर्ट तक की उड़ानें लगभग ₹3600 से ₹4300 के मध्य उपलब्ध हैं.
महंगी टिकटों से यात्रियों पर पड़ेगा अनावश्यक आर्थिक बोझ
उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक वैकल्पिक, आधुनिक एवं जनसुलभ एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा था. यदि प्रारंभिक चरण में ही टिकट दरें दिल्ली एयरपोर्ट से अधिक रहेंगी, तो इससे यात्रियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा एयरपोर्ट की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी.
‘एयरपोर्ट को नहीं मिल रही कनेक्टिविटी’
विधायक ने यह भी कहा कि वर्तमान में एयरपोर्ट को पूर्ण मेट्रो, रैपिड रेल एवं अन्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का लाभ प्राप्त नहीं है. NCR एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक यात्रियों को यहां तक पहुँचने में अतिरिक्त समय एवं व्यय करना पड़ेगा. ऐसी स्थिति में दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में अधिक UDF एवं शुल्क तर्कसंगत नहीं हैं.
उन्होंने यह तथ्य भी प्रमुखता से उठाया कि उत्तर प्रदेश में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर कर मात्र 1% है, जबकि दिल्ली में यही कर लगभग 25% है. इसके बावजूद यदि टिकट दरें अधिक रखी जाती हैं, तो यह यात्रियों के हितों के प्रतिकूल होगा.
विधायक ने विमानन विशेषज्ञों एवं एयरलाइंस द्वारा व्यक्त उन आशंकाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें कहा गया है कि अत्यधिक UDF एवं एयरपोर्ट शुल्कों के कारण टिकट दरों में अनावश्यक वृद्धि होगी, जिससे यात्रियों की संख्या, एयरलाइन संचालन एवं एयरपोर्ट की दीर्घकालिक व्यवहार्यता प्रभावित हो सकती है.
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विधायक ने चिट्ठी में क्या कहा?
1. प्रस्तावित यूज़र डेवलपमेंट फीस (UDF) एवं अन्य शुल्कों का पुनर्मूल्यांकन कर उन्हें युक्तिसंगत बनाया जाए;
2. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रारंभिक संचालन वर्षों में यात्री शुल्क एवं UDF को दिल्ली एयरपोर्ट से कम रखा जाए;
3. एयरपोर्ट को आम नागरिकों के लिए सुलभ एवं किफायती बनाए रखने हेतु आवश्यक नीति-निर्णय लिए जाएं.
विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार जनहित एवं प्रदेश के दीर्घकालिक आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी. इस संबंध में जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन, भारत सरकार के केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री एवं केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों को पत्र प्रेषित किए हैं.
Input By : Ashish Kumar Singh
