- चुनाव आयोग ने IPS डॉ. अजय पाल शर्मा को बंगाल में अहम चुनाव ड्यूटी सौंपी.
- मतदाताओं को डराने की शिकायत पर फाल्टा में डॉ. शर्मा की सख्त कार्रवाई.
- उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में भी जाना जाता है.
- डॉ. शर्मा ने पुलिस सेवा में आने से पहले की थी दंत चिकित्सा की पढ़ाई.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक नाम अचानक सुर्खियों में आ गया IPS डॉ. अजय पाल शर्मा. चुनाव आयोग ने उन्हें बंगाल में चुनाव ड्यूटी की अहम जिम्मेदारी दी है. पिछले कुछ दिनों में उनकी सख्त कार्यशैली और साफ संदेश ने इलाके के कई प्रभावशाली लोगों की नींद उड़ा दी है. खासकर फाल्टा विधानसभा सीट से जुड़े एक मामले के बाद, डॉ. शर्मा की चर्चा तेज हो गई है.
मामला तब सामने आया जब स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि कुछ जगहों पर मतदाताओं को डराया जा रहा है और दबाव बनाया जा रहा है. शिकायत मिलते ही डॉ. अजय पाल शर्मा खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे. जिस नेता का नाम सामने आ रहा था, वह उस समय वहां नहीं मिला. यहां तक कि आसपास के लोगों और स्थानीय पुलिस से भी उनके घर की सही जानकारी नहीं मिल सकी. इसके बाद डॉ. शर्मा ने सर्च ऑपरेशन चलवाया और आखिरकार उस घर तक पहुंचे, जहां उन्हें जाना था.
वहां पहुंचकर उन्होंने साफ शब्दों में संदेश दिया अगर किसी ने भी मतदाताओं को डराने या दबाव डालने की कोशिश की, तो कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी. उनका यह रुख इलाके में तेजी से चर्चा का विषय बन गया. लोगों ने इसे चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने की गंभीर कोशिश के रूप में देखा.
‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ हैं डॉ. अजय
डॉ. अजय पाल शर्मा का नाम नया नहीं है. उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी के तौर पर वे पहले भी कई बार चर्चा में रह चुके हैं. उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के नाम से जाना जाता है. लेकिन उनकी पहचान सिर्फ सख्त पुलिस अधिकारी की नहीं है, बल्कि एक बेहद पढ़े-लिखे और मेहनती अफसर की भी है.
यह भी पढ़ें – UPSSSC Vacancy: 12वीं पास युवाओं के लिए खुशखबरी, यूपी में 700+ पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
कर चुके हैं ये पढ़ाई
बहुत कम लोग जानते हैं कि पुलिस सेवा में आने से पहले डॉ. अजय पाल शर्मा ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाया था. उन्होंने BDS यानी बैचलर ऑफ डेंटल साइंसेज की पढ़ाई की. वे एक पेशेवर दंत चिकित्सक के रूप में काम भी कर चुके हैं. यानी उन्होंने लोगों के दांतों का इलाज भी किया है और बाद में अपराधियों से कानून के दांत भी दिखाए.
उनकी पढ़ाई शुरू से ही शानदार रही. अपने गृह राज्य में उन्होंने हाई स्कूल में टॉप किया था. खास बात यह है कि गणित में उनके पूरे अंक आए थे. पढ़ाई में तेज दिमाग और मेहनत ने उन्हें हमेशा आगे रखा. मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की दिशा बदली और सिविल सेवा की तैयारी शुरू की.
मिली थी ये रैंक
UPSC जैसी कठिन परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 160 हासिल की. यह दिखाता है कि वे कितनी लगन और फोकस के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े. मेडिकल से पुलिस सेवा तक का उनका सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने साबित किया कि मेहनत और इरादे मजबूत हों तो रास्ते बदलने से मंजिल दूर नहीं होती.
कहां है फिलहाल पोस्टिंग
डॉ. अजय पाल शर्मा पंजाब के लुधियाना से ताल्लुक रखते हैं. एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने पढ़ाई और मेहनत के दम पर देश की प्रतिष्ठित सेवाओं में जगह बनाई. वर्तमान में वे प्रयागराज कमिश्नरेट में एडिशनल पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात हैं. इसके साथ ही चुनाव के समय उन्हें विशेष जिम्मेदारियां भी दी जाती रही हैं.
यह भी पढ़ें – NTPC Recruitment 2026: एनटीपीसी अस्सिटेंट एग्जीक्यूटिव के 200+ पदों पर भर्ती जारी, जानें आवेदन प्रक्रिया
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
