बीजेपी में अपनी अनदेखी को लेकर लगातार सवाल उठाने वाले मोहनलालगंज के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं. 13 सितंबर को होने वाली आत्मसम्मान रैली से पहले उन्होंने लोगों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग रैली को विफल करने और उसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं.
बीजेपी नेता कौशल किशोर ने लोगों से साफ कहा कि वे किसी के बहकावे में न आएं. उनके इस बयान के बाद उनके हालिया सोशल मीडिया पोस्ट और बीजेपी छोड़ने की अटकलों की चर्चा भी फिर तेज हो गई है. कौशल किशोर ने आत्मसम्मान रैली के उद्देश्य को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इस रैली का मकसद शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाना है. उनका कहना है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे देश विकसित और आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ नशामुक्त भी हो.
BRICS पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान, ‘आतंकवाद के साथ धर्म को…’
उन्होंने कहा, “13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली में आप सभी लोग भारी संख्या में आइए. किसी के बहकावें में न आना क्योंकि कुछ लोग रैली को विफल करने के लिए रोकने का प्रयास कर रहे हैं. ये वो लोग हैं, जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी में रहते हुए योगी जी का मोदी जी का विरोध करके बीजेपी के खिलाफ वोट मांग रहे थे.”
13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली में आप सभी लोग भारी संख्या में आइए किसी के बहकावें में न आना क्योंकि कुछ लोग रैली को विफल करने के लिए रोकने का प्रयास कर रहे हैं ये वो लोग हैं जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी में रहते हुए योगी जी का मोदी जी का विरोध करके बीजेपी के ख़िलाफ़ वोट माँग रहे थे।
— Kaushal Kishore (@mp_kaushal) September 12, 2026
एक समान और रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
रैली के लक्ष्य को बताते हुए पूर्व सांसद कौशल किशोर ने कहा, “आत्मसम्मान रैली का लक्ष्य है, एक समान शिक्षा, नशामुक्त शिक्षा, अपराधमुक्त शिक्षा, रोजगारपरक शिक्षा, तब बनेगा विकसित व आत्मनिर्भर एवं नशामुक्त भारत. इसके लिए सभी लोग जरूर 13 सितंबर को आत्मसम्मान रैली में आइए.” उनकी अपील ऐसे समय आई है, जब पिछले कुछ समय से उनके सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं.
बीजेपी छोड़ने की अटकलों के बीच पुराने बयान की चर्चा
हाल ही में कौशल किशोर ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट किए थे, जिन्हें लेकर यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या वह बीजेपी छोड़ सकते हैं. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर पार्टी छोड़ने की बात नहीं कही थी. इससे पहले बीजेपी में अपनी अनदेखी को लेकर भी वह खुलकर बयान दे चुके हैं. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि पार्टी के कुछ लोग उन्हें किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका आरोप था कि कई पार्टी कार्यक्रमों में उन्हें शामिल नहीं किया जाता और सरकारी कार्यक्रमों में भी कई बार उन्हें सूचना नहीं दी जाती.
पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने सोशल मीडिया पर किए अपने एक पोस्ट को लेकर भी सफाई दी थी. उन्होंने लिखा था, “आज मेरे एक मित्र से बात हो रही थी तो उन्होंने कहा कि गेंद जितनी ऊपर जानी थी चली गई अब नीचे आ रही है नीचे आने की स्पीड भी बढ़ती जाती है गेंद के गिरने की स्पीड को कोई कम नहीं कर सकता है.”
मायावती के बाद किसके हाथ में बसपा की कमान? इस नाम की चर्चा के बीच उठे सवाल
इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा था कि उनका बयान किसी एक पार्टी या नेता के लिए नहीं था. उन्होंने साफ किया था कि जो अपने उद्देश्यों से भटक जाएगा, उसका डाउनफॉल होगा. अब 13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली को लेकर कौशल किशोर की अपील और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है.
