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बागपत: AK-47 जैसी राइफल के साथ युवकों की वायरल तस्वीरों से हड़कंप, तलाश में जुटी पुलिस


बागपत जिले में सोशल मीडिया पर एके-47 जैसी असॉल्ट राइफल के साथ चार युवकों की तस्वीरें वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है. तस्वीरों में तीन सगे भाइयों समेत चार युवक राइफल के साथ दिखाई दे रहे हैं. तस्वीरें तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन सभी युवक घरों से फरार मिले. फिलहाल पुलिस उनके परिजनों से पूछताछ कर रही है.

वायरल तस्वीरों में दिखाई देने वाले युवक बिनौली थाना क्षेत्र के दौझा गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से ये तस्वीरें अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही थीं, लेकिन रविवार को कई व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य माध्यमों पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया. तस्वीरों में युवकों के हाथों में एके-47 जैसी दिखने वाली राइफल नजर आने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया, जिसके बाद लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी.

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पुलिस को AI और डिजिटल एडिटिंग का शक

बिनौली थाना प्रभारी आरके शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में तस्वीरें वास्तविक प्रतीत नहीं हो रही हैं. पुलिस को आशंका है कि इन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) या डिजिटल एडिटिंग की मदद से तैयार किया गया हो सकता है. हालांकि इसकी पुष्टि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी.

पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तस्वीरों में किसी तरह की एडिटिंग की गई है या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तस्वीरें सबसे पहले किस सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड हुईं और इन्हें वायरल करने के पीछे किसका हाथ है.

आपसी रंजिश का एंगल भी जांच के दायरे में

पुलिस जांच में आपसी रंजिश का पहलू भी सामने आया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अफजाल, मोईन और रिहान आपस में सगे भाई हैं, जबकि चौथा युवक सावेज है. दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद होने की बात सामने आई है. ऐसे में पुलिस को शक है कि किसी पक्ष ने दूसरे को बदनाम करने के उद्देश्य से AI तकनीक या फोटो एडिटिंग का इस्तेमाल कर हथियारों के साथ तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी हों.

फिलहाल पुलिस चारों युवकों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वायरल तस्वीरों का वास्तविक स्रोत क्या है और इन्हें प्रसारित करने का उद्देश्य केवल बदनाम करना था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है.

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