बैंक धोखाधड़ी और रकम की कथित हेराफेरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय-II ने गजानन गंगामय इंडस्ट्री LLP (GGI LLP) और उससे जुड़े लोगों के छह आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी ली. ये ठिकाने मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में स्थित हैं. कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई.
बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से लिया था कर्ज
ईडी ने यह जांच पुणे की सीबीआई एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर और बाद में दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की. मामले में GGI LLP, उसके साझेदारों और अन्य लोगों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक कदाचार के आरोप हैं. जांच के मुताबिक GGI LLP ने Bank of India के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से ऋण लिया था. बाद में यह कर्ज एनपीए में बदल गया और करीब 135 करोड़ रुपये की बकाया राशि को कंसोर्टियम बैंकों ने फ्रॉड घोषित किया.
पूर्व पार्टनर पर फंड डायवर्जन का आरोप
ईडी के अनुसार, GGI LLP के पूर्व पार्टनर नितिन रामचंद्र जाधव ने कथित तौर पर रकम को डायवर्ट और सिफन करने के लिए कई संस्थाओं का इस्तेमाल किया. जांच में सामने आया कि लोन की रकम को राउंड-ट्रिपिंग और डायवर्जन के जटिल नेटवर्क के जरिए घुमाया गया. इसके बाद रकम को कई कथित शेल कंपनियों और एंट्री प्रोवाइडरों के माध्यम से अलग-अलग खातों में भेजा गया.
जांच एजेंसी के मुताबिक इस प्रक्रिया के बाद बड़ी मात्रा में नकद निकासी की गई, जिससे अपराध से अर्जित रकम के वास्तविक इस्तेमाल और लेन-देन को छिपाने की कोशिश की गई.
वैश्विक व्यापार से US प्रतिबंध तक…, PM मोदी-पुतिन और पेजेश्कियान की बैठक से ट्रंप को कड़ा संदेश!
सिंगापुर में 35.71 करोड़ की एफडी फ्रीज
ईडी की तलाशी कार्रवाई में बड़ी रकम से जुड़ी संपत्ति का भी पता चला. एजेंसी ने इंडियन बैंक की सिंगापुर शाखा में करीब 37 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 35.71 करोड़ रुपये) के बैलेंस वाला फिक्स्ड डिपॉजिट खाता फ्रीज कर दिया है. इसके अलावा तलाशी के दौरान BMW 320LD ग्रैंड लग्जरी लाइन कार जब्त की गई. ईडी ने मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद किए हैं, जिनमें कथित वित्तीय लेन-देन और फंड की आवाजाही से जुड़ी सामग्री मिली है.
यौन उत्पीड़न केस में टीचर को राहत, SC बोली- ‘एक शिक्षक पर हमेशा के लिए..’
