दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में गुरुवार (16 अप्रैल) को पीएम नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई. यह बैठक दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के मकसद से आयोजित की गई. क्रिश्चियन स्टॉकर 14 से 17 अप्रैल के अपने पहले अधिकारिक भारत दौरे पर हैं.
दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रिया के चांसलर और आपके डेलीगेशन का भारत में स्वागत है. आज पूरी दुनिया वैश्विक तनाव से गुजर रही है. हम दोनों देशों पर भी इसका असर पड़ा है. हम दोनों देश इस बात से सहमत हैं कि आज विश्व में किसी भी समस्या का समाधान हथियारों के जरिए नहीं निकल सकता है.
शांति के साथ हो मुद्दों का समाधान- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि विश्व में शांति और सौहार्द के साथ सभी मुद्दों का समाधान होना चाहिए. वो चाहे यूक्रेन विवाद हो या फिर मध्य एशिया का Conflict हो. साथ ही ग्लोबल इंस्टीट्यूशनस का भी रिफॉर्म जरूरी है.
वैश्विक स्तर पर भारत का अहम रोल- ऑस्ट्रिया
ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने कहा कि हम विश्व में शांति के पक्षधर हैं. हम ऐसा विश्व चाहते हैं जहां सभी की बात सुनी जाए न कि might is right हो. हम सभी विवादों का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन सभी मुद्दों में भारत के वैश्विक स्तर पर प्रमुख देश होने के कारण हम आपका एक अहम रोल देखते हैं. हम आतंकवाद के मुद्दे पर भी एक ही स्तर पर हैं और ये मुद्दे किसी एक देश की सीमा के नहीं होते हैं.
किन मुद्दों पर हुई चर्चा
दोनों नेताओं ने बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ. दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर (MoUs) के आदान-प्रदान हुए. ये उच्चस्तरीय बैठक द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
इससे पहले चांसलर स्टॉकर ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरे को भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है. बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित रहे.
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