Headlines

Rare Wild Fruits Of Nepal: नेपाल के जंगलों में मिलते हैं ये 5 जादुई फल, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान


Which Rare Fruits Are Found In Nepal Himalayas: नेपाल के पहाड़ी और हिमालयी इलाकों में सिर्फ खूबसूरत नज़ारे ही नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का एक अनमोल खजाना भी छिपा हुआ है. यहां के जंगलों में उगने वाले कई ऐसे जंगली फल मिलते हैं, जो बाजारों में आसानी से नहीं मिलते, लेकिन अपने स्वाद और औषधीय गुणों के लिए बेहद खास माने जाते हैं. ये फल स्थानीय लोगों की जिंदगी और परंपरा का अहम हिस्सा हैं और हर ट्रैवलर के लिए एक अनोखा अनुभव साबित हो सकते हैं.

 चिउरी का फल

सबसे पहले बात करते हैं चिउरी की. यह पेड़ हिमालय के निचले इलाकों में पाया जाता है और इसका फल हल्के पीले रंग का होता है. इसका गूदा मीठा होता है, लेकिन इसकी असली खासियत इसके बीज हैं. इन बीजों से एक तरह का घी तैयार किया जाता है, जिसे खाना बनाने, दीप जलाने और शरीर पर लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. खास बात यह है कि कुछ समुदायों में यह पेड़ दहेज के रूप में भी दिया जाता है, ताकि बेटी को जीवनभर सहारा मिल सके. 

किम्बू

इसके बाद आता है किम्बू , जो पहाड़ी ढलानों पर उगता है। यह फल गुच्छों में लगता है और पकने के साथ इसका रंग बदलता जाता है. स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा किम्बू गर्मियों में खास पसंद किया जाता है. इतना ही नहीं, इसका रस गले की खराश और पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद माना जाता है.

इसे भी पढ़ें-Oil Wells Ocean: क्या समुद्र में भी होते हैं तेल के कुएं, जानें यहां से कैसे निकाला जाता है तेल

चुट्रो

चुट्रो एक और खास जंगली फल है, जो छोटे बैंगनी रंग के बेरी के रूप में मिलता है. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है और आयुर्वेद में इसका काफी महत्व है. इसकी जड़ और छाल से रसौत नाम का अर्क तैयार किया जाता है, जो आंखों और त्वचा की समस्याओं में उपयोगी माना जाता है.

ऐसेलू 

ऐसेलू अपने सुनहरे रंग और शहद जैसे मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है. यह फल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और पहाड़ों में ट्रैकिंग करने वालों के लिए एक नैचुरल एनर्जी बूस्टर की तरह काम करता है. स्थानीय लोग इसका इस्तेमाल जैम और वाइन बनाने में भी करने लगे हैं.

काफल

अंत में आता है काफल, जिसे जंगली फलों का राजा भी कहा जाता है. यह छोटा लाल फल स्वाद में मीठा और हल्का खट्टा होता है. यह जंगलों में अपने आप उगता है और बहुत कम समय के लिए ही उपलब्ध होता है. काफल को सिरदर्द, बुखार और पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी उपयोगी माना जाता है. इन जंगली फलों की खास बात यह है कि ये सिर्फ खाने के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और लाइफस्टाइल से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. आज के समय में जहां प्रोसेस्ड फूड का चलन बढ़ रहा है, वहां ये प्राकृतिक फल हमें प्रकृति के करीब लाने और स्वस्थ जीवन की याद दिलाते हैं.

इसे भी पढ़ें-History Of Hormuz: क्या होर्मुज स्ट्रेट में भी रहते थे लोग तो कहां गए, उन्होंने क्यों छोड़ दिया अपना यह ठिकाना?



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *