Why Hand Washing Dishes Is Not Enough: रसोई में हाथ से बर्तन धोना कई लोगों के लिए सुकून देने वाला काम होता है, खासकर जब आपने खुद खाना बनाया हो. चमकते हुए बर्तन देखकर हमें लगता है कि वे पूरी तरह साफ हो चुके हैं. लेकिन सच थोड़ा अलग है। सिर्फ देखने में साफ होना, असली साफ-सफाई की गारंटी नहीं देता. हम अक्सर बर्तनों को रोशनी में देखकर जांचते हैं और जब कोई दाग नजर नहीं आता तो संतुष्ट हो जाते हैं. लेकिन हाल की स्टडीज बताती हैं कि हमारी आंखें हमें धोखा दे सकती हैं. बर्तन साफ दिख सकते हैं, लेकिन उन पर अदृश्य गंदगी और बैक्टीरिया रह सकते हैं, जो हमारी सेहत पर असर डालते हैं.
क्यों रह जाते हैं बैक्टीरिया?
असल समस्या यह है कि हाथ से बर्तन धोते समय हम पानी का तापमान और दबाव नियंत्रित नहीं कर पाते. हमारी त्वचा जितनी गर्मी सह सकती है, पानी उतना ही गर्म होता है, जो अक्सर फैट और प्रोटीन को पूरी तरह तोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं होता. यही कारण है कि कई बार बर्तनों पर हल्की परत रह जाती है, जिसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं.
इसे भी पढ़ें- Balcony Pigeon Control Tips: आपके घर की बालकनी को कबूतरों ने बना लिया है घर, जानें आसानी से भगाने का तरीका
क्या निकला स्टडी में?
अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में पब्लिश एक अहम स्टजी में 1000 से ज्यादा जगहों का सर्वे किया गया. इसमें पाया गया कि हाथ से बर्तन धोने पर अक्सर ऐसी गंदगी बच जाती है जो आंखों से दिखाई नहीं देती. यह भी सामने आया कि स्क्रबिंग और सोखिंग से बैक्टीरिया पूरी तरह हटने के बजाय इधर-उधर फैल सकते हैं. साबुन का चुनाव भी बहुत मायने रखता है. हम अक्सर सस्ता या जो उपलब्ध हो वही डिटर्जेंट इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन हर साबुन की केमिस्ट्री अलग होती है. कुछ साबुन झाग तो खूब बनाते हैं, लेकिन वे गंदगी को तोड़ने में उतने असरदार नहीं होते. ऐसे में बर्तन साफ करने के बजाय उन पर एक पतली गंदगी की परत ही रह जाती है.
डिशवॉशर मशीनों के लिए क्या ध्यान रखें?
दूसरी तरफ, डिशवॉशर मशीनें ज्यादा तापमान 60°C से ऊपर और सही साइकल के साथ बेहतर सफाई देती हैं. लेकिन यहां भी सावधानी जरूरी है. छोटी या जल्दी खत्म होने वाली साइकल हर तरह की गंदगी को साफ नहीं कर पाती. खासकर स्टार्च या मिट्टी जैसे दाग के लिए लंबा साइकल जरूरी होता है. अगर बर्तन या औजार ज्यादा गंदे हों, जैसे मिट्टी, ओटमील या कच्चे खाने के अवशेष, तो उन पर बायोफिल्म बन सकती है, जिसे हटाना मुश्किल होता जाता है. ऐसे में एंजाइम वाले डिटर्जेंट ज्यादा प्रभावी साबित होते हैं. एक और जरूरी बात यह है कि डिशवॉशर का फिल्टर साफ रखना. अगर फिल्टर गंदा है, तो वही गंदगी दोबारा बर्तनों पर वापस आ सकती है.
इसे भी पढ़ें-History Of Hormuz: क्या होर्मुज स्ट्रेट में भी रहते थे लोग तो कहां गए, उन्होंने क्यों छोड़ दिया अपना यह ठिकाना?
