दिल्ली में शुक्रवार को सीजेपी के मार्च शुरू होने से कुछ घंटे पहले पुलिस के 20 से अधिक कर्मचारी अभिजीत दीपके के आवास पर पहुंचे और उन्हें प्रदर्शन नहीं करने को लेकर नोटिस थमाया. अधिकारियों के अनुसार नोटिस में कनॉट प्लेस में निषेधाज्ञा लागू होने, इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बाजार, अस्पताल और अहम सरकारी इमारतें होने के साथ-साथ भगदड़ मचने की आशंका का हवाला दिया गया. इस दौरान दीपके और दिल्ली पुलिस के अधिकारी के बीच बहस भी हुई, जिसमें दीपके ये कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मुझे फांसी पर चढ़ा दो.
वीडियो में नोटिस को लेकर अभिजीत दीपके पुलिस से कह रहे हैं, ‘आपने मेरे ऊपर किस तरह का आरोप लगाया है?’ दीपके की ओर से वो नोटिस पढ़ा गया, जिसमें आरोप था, ‘आप (अभिजीत दीपके) सोशल मीडिया पर आम जनता को उकसाते रहे हैं जो गैरकानूनी है.’ इसके बाद दीपके ने पुलिस से कहा, ‘ये आप लोगों ने क्या मजाक लगा रखा है? क्या नोटिस है, ये नोटिस होता है? जो मन में आए वो लिखे जा रहे हो आप लोग. मझे फांसी पे चढ़ा दो ना. ये कैसा मजाक है.’ उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा कि आप ऐसा एक वीडियो दिखा दीजिए, जिसमें वो हिंसा भड़का रहे हों.
दिल्ली में शुक्रवार को मार्च शुरू होने से कुछ घंटे पहले पुलिस के 20 से अधिक कर्मचारी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर पहुंचे और प्रदर्शन नहीं करने को लेकर नोटिस थमाया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों के अनुसार नोटिस में कनॉट प्लेस में निषेधाज्ञा लागू होने, इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बाजार, अस्पताल और अहम सरकारी इमारतें होने के साथ-साथ भगदड़ मचने की आशंका का हवाला दिया गया है. सीजेपी ने शुक्रवार शाम पांच बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आहूत किया है.
हालांकि नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया है. पुलिस ने कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नयी दिल्ली इलाके में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 220 कंपनियों को तैनात किया है.
