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ममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को ED ने किया अरेस्ट, लंबी पूछताछ के बाद एक्शन


पश्चिम बंगाल में नगर पालिका भर्ती घोटाला (Municipality Recruitment Scam) मामले में ईडी ने टीएमसी (TMC) के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया है. घंटों की कड़ी पूछताछ के बाद उन्हें साल्ट लेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय में गिरफ्तार किया गया. ED अब इस पूरे भर्ती घोटाले में पैसों के लेन-देन, संपत्तियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. गिरफ्तार किए गए सुजीत बोस को कल सुबह स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा.

भर्ती के बदले कई फ्लैट लेने का आरोप

जांच एजेंसी का दावा है कि भर्ती के बदले मिले पैसों से सुजीत बोस ने कई फ्लैट हासिल किए, जिन्हें ED ने सीधे तौर पर अपराध से जुड़ी संपत्ति यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम माना है. इसके अलावा ED को उनके वाले बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा होने के सबूत भी मिले है.

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस सोमवार (11 मई 2026) को कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले के संबंध में ईडी के समक्ष पेश हुए थे. बोस अपने बेटे समुद्र बोस के साथ करीब 10:30 बजे साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पहुंचे. यह पहली बार नहीं है जब केंद्रीय एजेंसी ने दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में बोस को तलब किया गया था.

चुनाव के दौरान ED ने भेजे थे कई नोटिस

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुजीत बोस को ईडी के कई नोटिस मिले, जिनमें से एक नोटिस नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के दिन छह अप्रैल को भी मिला. इसके बाद उन्होंने चुनाव प्रचार संबंधी प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पेशी से छूट पाने के लिए कलकत्ता होई कोर्ट में याचिका दायर की थी. चुनाव के बाद बोस एक मई को सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी के समक्ष पेश हुए थे.

जांच एजेंसी ने कथित घोटाले के सिलसिले में बोस और उनके बेटे के स्वामित्व वाले ठिकानों की दो बार तलाशी ली. जांचकर्ताओं ने दावा किया कि तलाशी अभियान के दौरान मामले में संलिप्तता दिखाने वाले दस्तावेज बरामद हुए. यह मामला बंगाल के विभिन्न नगर पालिकाओं में अवैध रूप से 1800 से अधिक लोगों की नियुक्ति का है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये की उगाही का आरोप है.

सुजीत बोस के परिवार वालों को भी ED कर चुका है तलब

विधानसभा चुनाव से पहले भी ईडी ने कथित नगर निगम भर्ती अनियमितताओं के संबंध में सुजीत बोस, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी को कई बार तलब किया था. परिवार के सदस्य भी जांच प्रक्रिया में शामिल हुए थे. इससे पहले, केंद्रीय बलों के साथ ईडी के अधिकारियों ने बोस से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी ली, जिनमें उनका आवास, कार्यालय और वीआईपी रोड के पास स्थित उनके बेटे का रेस्टोरेंट शामिल है.

सुजीत बोस ने पहले भी चुनाव अवधि के दौरान ईडी की कार्रवाई की आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित है. उन्होंने कहा था, ‘सुजीत बोस की हालत इतनी खराब नहीं है कि उन्हें पैसे कमाने के लिए नौकरियां बेचनी पड़ें. लोग यह जानते हैं. यह चुनाव आयोग और ईडी की साजिश है.’

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