पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की पोल खोलकर रख दी. उन्होंने बताया कि बोर्ड में एक बदलाव के बाद उनके साथ बिल्कुल भी अच्छा बर्ताव नहीं हुआ. उनकी बेइज्जती की गई और उनका बकाया पैसा अब तक नहीं दिया गया है. टीम की खोई हुई गरिमा को वापस लाने की उम्मीद से गिलेस्पी को टीम से जोड़ा गया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका.
आकिब जावेद के आने से बदली चीजें
‘द टेलीग्राफ’ को दिए इंटरव्यू में जेसन गिलेस्पी ने बताया कि आकिब जावेद के चीफ सिलेक्टर बनने के बाद सबकुछ बदल गया. उन्होंने कहा, “उस पल के बाद मेरा पाकिस्तान क्रिकेट के साथ रिश्ता बिल्कुल बदल गया. आकिब आए उन्होंने सबकुछ ले लिया. मुझे ऐसा लगा कि हर चीज की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी.”
गिलेस्पी ने आगे कहा, “मैं टेस्ट टीम की देखभाल करने, उसे मैनेज करने, खिलाड़ियों और स्टाफ का ध्यान रखने और सिलेक्शन में भूमिका निभाने से लेकर, अब किसी भी चीज में कोई भूमिका न होने की स्थिति में आ गया. इस अनुभव ने मेरा उत्साह खत्म कर दिया और कोचिंग से मेरा मन हटा दिया. इससे मुझ पर मानसिक असर पड़ा, जिससे मैं खुद पर शक करने लगा और मैं सोचने लगा कि क्या मैं अब भी इस खेल से जुड़ा रहना चाहता हूं?”
मेरी बेइज्जती की गई
पूर्व पाक कोच ने कहा, “मेरी बेइज्जती की गई और मुझे कमतर समझा गया. मैं इसके लिए आकिब जावेद को जिम्मेदार मानता हूं. हमारी पहली मीटिंग में वह बहुत रौब और दिखावे के साथ आए ताकि यह दिखा सकें कि वही इंचार्ज हैं. उन्होंने कहा ‘हमें यही करना है.’ मैंने उनकी बात सुनी और ‘ठीक है’ कह दिया. ऐसा होता रहा, मैंने उसकी कुछ बातों का विरोध किया. उसी पल मुझे लग गया था कि बात नहीं बनेगी, क्योंकि उसने पहले ही तय कर लिया था कि वह क्या करने वाला है. कोई भी तालमेल नहीं होने वाला था.”
यह भी पढ़ें: 2 रन से बचा गेल का रिकॉर्ड, MI के बल्लेबाज ने जड़े 173 रन; 16 चौके-12 छक्के
पैसा अब भी बकाया
गिलेस्पी ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान बोर्ड पर अब भी उनकी कोचिंग का पैसा बकाया है. गिलेस्पी ने कहा, “पसीबी को अभी भी मुझे हजारों डॉलर देने हैं, लेकिन मैं कभी भी ‘हां में हां मिलाने वाला’ नहीं बनने वाला था. मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करता. मैंने अपने पूरे करियर में कभी ऐसा नहीं किया, और जाहिर तौर पर मैं बदलने वाला भी नहीं था.”
उन्होंने आगे कहा, “मैं चुप रह सकता था, हर बात मान सकता था और अपनी सैलरी ले सकता था, लेकिन मैं ऐसा नहीं हूं. मुझे कहीं न कहीं पता था कि कुछ महीनों में मुझे वैसे भी नौकरी से निकाल दिया जाएगा.”
यह भी पढ़ें: ‘PCB ने अपमान किया…’, मोहसिन नकवी पर भड़के पाकिस्तानी क्रिकेटर, कोच पर भी लगाया आरोप
