Headlines

‘युवाओं की एक और बड़ी जीत…’ NALSAR विवाद पर सौरव दास


बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने गुरुवार को चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के पुराने निर्देश में बदलाव को सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने युवाओं की जीत बताया है. उन्होंने मनन कुमार मिश्रा के पोस्ट को शेयर करते हुए कहा ये युवाओं की एक और बड़ी जीत है. सौरव ने मनन कुमार मिश्रा का पोस्ट शेयर किया है.

जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी

सौरव ने मनन मिश्रा को पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ”हो गया, भाई. युवाओं के लिए एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी.” सौरव ने कई पोस्ट शेयर किए हैं. उन्होंने मनन मिश्रा पर निशाना भी साधा है.

बार काउंसिल के चेयरमैन पर साधा निशाना

सौरव ने लिखा- दोस्तों, मिस्टर मनन कुमार मिश्रा की बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सिर्फ एक साल में मीटिंग और कॉन्फ़्रेंस पर 14 करोड़ रुपये खर्च किए. आज उन्हें NALSAR के छात्रों के लिए जारी किए गए अपने बेहद सख्त आदेश का एक हिस्सा 1 घंटे के अंदर ही वापस लेना पड़ा. तो आखिर यह 14 करोड़ रुपये कहां और कैसे खर्च हो रहे हैं? यात्रा और रहने-सहने पर भी 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए. लेकिन इसका नतीजा क्या निकला? अगर मिस्टर मिश्रा युवा छात्रों के खिलाफ इतना सख़्त आदेश जारी कर सकते हैं, तो उन्होंने युवा वकीलों और लॉ स्कूलों के लिए क्या भलाई का काम किया है? वह 2012 से इस पद पर हैं और 2030 तक रहेंगे. मिस्टर मिश्रा, अब आपका समय खत्म हो गया है! #LegalCockroachesUnite और उनसे जवाब-तलब करें।

मनन मिश्रा ने शेयर किया था ये पोस्ट

उन्होंने लिखा- ”सीनियर वकीलों, बार के सम्मानित सदस्यों, लॉ के छात्रों और समाज के प्रति जागरूक नागरिकों की बातों और प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद, और इस बात से संतुष्ट होने के बाद कि NALSAR, हैदराबाद के 2026 बैच की किसी भी गड़बड़ी या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले की कार्यवाही को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है. अब आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है. मैं छात्रों के करियर के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. एक सलाह: हमें अपने कानूनी संस्थानों पर बहुत गर्व है, और जिस दिन आप एनरोल होते हैं, आप उनके अगुआ बन जाते हैं. अपनी राय खुलकर रखें, लेकिन सम्मान और संस्थान की मर्यादा का ध्यान रखते हुए.

सबसे ऊंचा न्यायिक पद हमारा सामूहिक गौरव है. लोकतंत्र में असहमति का स्वागत है, लेकिन संवैधानिक संस्थानों का सार्वजनिक मजाक उड़ाना अक्सर नुकसानदेह होता है. आधिकारिक सूचना जल्द ही जारी की जाएगी.

ये भी पढ़ें: ‘परिवार उजड़ गए, अपनों को खो दिया…’ विभाजन विभीषिका दिवस पर इमोशनल हुए पीएम मोदी





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *