- आप ने राज्यसभा सभापति से 7 बर्खास्त सांसदों की अपील की.
- संजय सिंह ने कहा, संविधान विशेषज्ञों ने सदस्यता समाप्त होने की पुष्टि की.
- संजय सिंह ने इसे लोकतंत्र और पंजाब की जनता से विश्वासघात बताया.
- BJP नेता ने कहा, संजय सिंह अब अकेले रह गए हैं.
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से उन सभी 7 राज्यसभा सांसदों को बर्खास्त करने की अपील की है, जो पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. रविवार को एक प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने यह जानकारी दी.
अब AAP नेता संजय सिंह द्वारा राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखे जाने पर BJP नेता शाहनवाज़ हुसैन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा ‘राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के साथ, सांसदों ने AAP छोड़ दी है और BJP में शामिल हो गए हैं. संजय सिंह अकेले रह गए हैं. उन्हें उन सांसदों की कमी खल रही है. हर समय, सदन में सिर्फ़ संजय सिंह ही बोलते थे, और उन सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिलता था. अब वे बोलेंगे, और उन्हें (संजय सिंह को) कम समय मिलेगा, इसलिए वे इस तरह का पत्र लिख रहे हैं. राज्यसभा में AAP पूरी तरह से साफ़ हो गई है.’
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उधर, दिल्ली में आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल और संविधान विशेषज्ञ पी. डी. टी. आचार्य समेत कई संविधान विशेषज्ञों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले सात सदस्यों की सदस्यता समाप्त हो जाएगी.
पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया- संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा, एक याचिका प्रस्तुत की गई है, जिसमें भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत इन सात सदस्यों की सदस्यता पूर्णतः समाप्त करने और रद्द करने का अनुरोध किया गया है. इस मामले पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है. सभापति से भी जल्द से जल्द सुनवाई करने और इस पर निष्पक्ष निर्णय देने का अनुरोध किया गया है.
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आप नेता ने कहा, यह सब क्यों जरूरी है? क्योंकि आप एक पार्टी से चुने जाते हैं और फिर प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के जरिए आपको उस पार्टी से अलग कर दिया जाता है और भारतीय जनता पार्टी, जो इसमें माहिर मानी जाती है, आपको उसमें मिला लेती है. यह लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है, पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात है, और देश के संविधान के साथ भी विश्वासघात है. उसे कमजोर करने का प्रयास है.
