राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में विशेष जांच टीम (SIT) जल्द ही आरोप पत्र दाखिल करेगी. सोमवार को SIT ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसकी जांच में पर्याप्त सबूत मिले हैं. वह चार्जशीट दाखिल करना चाहती है. SIT की स्टेटस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने इसकी इजाज़त दे दी. 25 सितंबर तक निचली अदालत में दाखिल हो चार्जशीट जाएगी.
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की तरफ से दिए गए दान की चोरी की शिकायतें सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल हुई थीं. कोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों की SIT से जांच के लिए कहा था. अब SIT ने अपनी नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की आ.
अब तक आठ की गिरफ्तारी
SIT की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया. पहली गिरफ्तारी को 90 दिन का समय पूरा होने वाला है. ऐसे में कानूनी लिहाज से चार्जशीट दाखिल करना ज़रूरी है.
SIT ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. जांच के दौरान कोर्ट के आदेश के मुताबिक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया गया. आरोपियों के बैंक अकाउंट और संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले में आदेश लिखवाया. इस दौरान SIT की स्टेटस रिपोर्ट के यह हिस्से सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किए हैं :-
* सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि काउंटिंग रूम में चढ़ावे की गणना करते समय आरोपियों ने मुख्य रूप से गबन किया है.
सीसीटीवी में चोरी के 105 मामले
* सीसीटीवी फुटेज में गलत तरीके से से नकदी हटाने के 105 मामले सामने आए हैं.
* आरोपियों के खातों में ऐसी रकम पाई गई है, जिसका वह हिसाब नहीं दे सके.
* TCS सॉफ्टवेयर में मंदिर की 803 कीमती चीजों की रसीद मिली थी। यह सभी 803 चीजें स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित पाई गई। चांदी की ईंट समेत दूसरी मूल्यवान वस्तुओं को लेकर भी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि मामले में लगी धाराओं के मद्देनजर इस पर एडिशनल सेशंस जज रैंक के न्यायिक अधिकारी सुनवाई करेंगे. मामले में आगे की जांच का विकल्प अभी खुला रखा गया है. सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी.
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