Headlines

डाक विभाग में 8.48 करोड़ की हेराफेरी, सब-पोस्ट मास्टर को 18 महीने की सजा


डाक विभाग में करोड़ों रुपये की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता मिली है. जालंधर के दखनी गेट, नकोदर के तत्कालीन सब-पोस्ट मास्टर संजीव कुमार को मोहाली की विशेष PMLA अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराते हुए एक साल छह महीने के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. अदालत ने 14 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया. जुर्माना नहीं देने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा.

ED के मुताबिक मामला सीबीआई की ओर से 1 फरवरी 2018 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा था. इसमें संजीव कुमार और अन्य पर पद का दुरुपयोग, धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन के आरोप लगाए गए थे.

54 फर्जी बचत खाते खोलकर 3.40 करोड़ की चपत

जांच में सामने आया कि संजीव कुमार ने कथित तौर पर 54 फर्जी बचत खाते खोले और इनके जरिये सरकारी खजाने को करीब 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा 41 बचत खातों में प्रविष्टियों से छेड़छाड़ कर 2.79 करोड़ रुपये, जबकि 51 आरडी खातों में हेराफेरी कर 1.89 करोड़ रुपये की राशि का नुकसान पहुंचाया गया.

ED के अनुसार पीपीएफ, टर्म डिपॉजिट समेत अन्य खातों में भी हेराफेरी की गई. इस तरह सरकारी धन की कुल करीब 8.48 करोड़ रुपये की राशि कथित तौर पर धोखाधड़ी से निकाली गई.

नकद और बैंक खातों के जरिये रकम का इस्तेमाल

ED ने बताया कि कथित तौर पर निकाली गई रकम को संजीव कुमार तथा उसके सहयोगियों के नियंत्रण वाले विभिन्न बैंक खातों के जरिये इधर-उधर किया गया. जांच एजेंसी के मुताबिक अपराध से अर्जित रकम का इस्तेमाल आरोपी ने आलीशान जीवनशैली, जुए, निजी खर्च और अचल संपत्तियां खरीदने में किया.

42 लाख की संपत्ति पहले ही अटैच

मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान ED ने करीब 42 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं. यह कार्रवाई 2 मार्च 2025 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत की गई थी, जिसकी पुष्टि 20 अगस्त 2025 को हुई.

प्ली बार्गेनिंग से हुआ फैसला

मुकदमे के दौरान संजीव कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत प्ली बार्गेनिंग के जरिए मामले का निपटारा करने का अनुरोध किया. विशेष अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए उसे PMLA की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी माना और धारा 4 के तहत सजा सुनाई.

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी से बरामद राशि सुपरिंटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस, कपूरथला डिवीजन के कार्यालय को दी जाएगी. साथ ही पीड़ित विभाग को PMLA की धारा 8(8) और रेस्टोरेशन ऑफ प्रॉपर्टी रूल्स, 2016 के तहत अटैच संपत्ति की बहाली के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *